सेना प्रमुख मनोज पांडे ने कहा कि हमारे विचार-विमर्श के दौरान आप सभी ने जिस विश्वास को बढ़ावा दिया और निर्माण में मदद की, उसे मैं स्वीकार और उसकी सराहना करना चाहता हूं।
हिंद-प्रशांत सेना प्रमुखों के सम्मेलन में सेना प्रमुख मनोज पांडे ने कहा कि इंडो-पैसिफिक में शांति और स्थिरता अमूर्त आदर्श नहीं हैं, बल्कि वे वह नींव हैं, जिस पर लाखों लोगों के सपने और आकांक्षाएं टिकी हुई हैं। भारतीय सेना इन आदर्शों के लिए प्रतिबद्ध है।
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यहां मैं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयानों को दोहराना चाहूंगा, जैसा कि उन्होंने कहा था , कि यह कहना कि खेल में हमारी पूरी ताकत है। मुझे लगता है कि आज यह सुनिश्चित करने में हमारे पास महत्वपूर्ण दांव हैं कि इंडो-पैसिफिक स्थिर है साथ ही यह सुरक्षित है, क्योंकि इसमें सहयोग और ध्यान सही चीज़ों पर दिया गया है।
इनपर दिया जाए ध्यान
उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता, चुनौतियों, चिंताओं और आकांक्षाओं पर सामूहिक दृष्टिकोण उन महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने लाया है, जो प्रभावित करते हैं, योगदान देते हैं और अगर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता हासिल करनी है तो उन पर ध्यान देने की जरूरत है।
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हमारे विचार-विमर्श के दौरान आप सभी ने जिस विश्वास को बढ़ावा दिया और निर्माण में मदद की, उसे मैं स्वीकार और उसकी सराहना करना चाहता हूं। हमने दावा किया है कि, हमारे भौगोलिक अलगाव के बावजूद, हम शांति और स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में एकजुट हैं।
यूएस आर्मी पैसिफिक ने कही ये बात
इधर, दिल्ली में इंडो-पैसिफिक आर्मीज़ चीफ्स कॉन्क्लेव (आईपीएसीसी) में यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी पैसिफिक के कमांडिंग जनरल जनरल चार्ल्स ए फ्लिन ने कहा कि उनकी सेनाएं एक सुरक्षित और स्वतंत्र इंडो-पैसिफिक सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।