अफगानिस्तान में अटके भारतीयों को वापस लाने का काम जारी है। सूत्रों के अनुसार सोमवार दोपहर एक और भारतीय विमान सी-17 दिल्ली लौट आया। इसमें कुछ लोग और उपकरण लाए गए। उधर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि वहां फंसे भारतीयों से वह संपर्क में है। उनकी पूरी मदद की जाएगी।
बागची ने बताया कि हमने वहां अटके भारतीयों के लिए आपात संपर्क नंबर जारी किए हैं। भारतीय समुदाय के लोगों की पूरी मदद की जा रही है। हमें पता है कि वहां अभी भी कुछ भारतीय हैं, हम उनके संपर्क में हैं और उनकी वापसी की कामना करते हैं। विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में कहा कि जो भी भारतीय अफगानिस्तान से आना चाहते हैं, हम उनकी मदद करेंगे। कई अफगानी भी हैं, जो कि वहां हमारी विकास योजनाओं, शैक्षणिक व अन्य कार्यों में भागीदार हैं, हम उनके भी साथ हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि काबुल से सोमवार को व्यावसायिक उड़ानें निलंबित कर दी गई हैं। इससे हमारे वापसी के प्रयासों रुक गए हैं। काबुल से उड़ानें शुरू होने का इंतजार है। यह शुरू होते हैं, भारतीयों व अन्य लोगों को लाने का काम शुरू किया जाएगा।
भारत के 500 अधिकारी व सुरक्षा कर्मी फंसे
सूत्रों के अनुसार अफगानिस्तान, खासकर काबुल में भारत के करीब 500 अफसर और सुरक्षाकर्मी अटके हुए हैं। सोमवार को काबुल एयरपोर्ट पर अफरा तफरी मच गई थी। इसके बाद अमेरिकी सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला। हालांकि गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य की मौत विमान से गिरने के कारण हो गई।
दिल्ली में उच्च स्तरीय समीक्षा
इधर, अफगानिस्तान के हालात को लेकर दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसमें भारतीय दूतावास और वहां रह रहे कर्मचारियों के विकल्पों और भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा हुई। भारत के अलावा अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड समेत अन्य देश भी अफगानिस्तान से अपने लोगों को निकालने में जुटे हैं। काबुल एयरपोर्ट पर कई देशों की सेना मौजूद है, जो अपने नागरिकों को निकालने के लिए आई है। अमेरिका ने हाल ही में अपने लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 5000 सैनिकों को भेजने का फैसला किया है।