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Indian Railways: इस स्पीड से अब दौड़ती नजर आएंगी ये ट्रेनें, दिल्ली-मुंबई के सफर में होगी चार घंटे की बचत

राहुल संपाल
Updated Sat, 06 Apr 2024 05:15 PM IST

सार

भारतीय रेलवे मिशन रफ्तार के तहत एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने का काम कर रहा है। साथ ही, मालगाड़ियों की रफ्तार भी बढ़ाई जाएगी। मिशन रफ्तार के तहत इन सभी ट्रेनों की औसत गति को और बढ़ाया जाएगा।
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मिशन रफ्तार से बढ़ेगी ट्रेनों की स्पीड़। - फोटो : अमर उजाला
यात्रीगण ध्यान दें! आने वाले दिनों में आपकी यात्रा न केवल सुखद होगी, बल्कि सुगम भी होने जा रही है। भारतीय रेलवे सेमी हाई स्पीड ट्रेनों और लग्जरी ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इससे 45 मिनट से लेकर चार घंटे तक की समय की बचत होगी। यानी अब दिल्ली से मुंबई तक का सफर न केवल केवल आसान होगा, बल्कि समय की भी बचत होगी। इसमें अच्छी बात यह है कि ट्रेनों के किराये में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं होगी।

160 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें
रेलवे से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अहमदाबाद-मुंबई के बीच चल रही वंदे भारत सेमी हाई स्पीड ट्रेन अभी 130 किमी की रफ्तार से चल रही है। आने वाले दिनों से यह ट्रेन 160 किमी की रफ्तार से दौड़ती हुई नजर आएगी। अहमदाबाद-मुंबई और मुंबई-दिल्ली के ट्रैक की क्षमता को अपग्रेड कर दिया गया है। वहीं, अहमदाबाद-मुंबई और मुंबई-नागदा लाइन पर मौजूद कुल 126 रेल ब्रिज को भी 160 किमी की स्पीड के लायक बना दिया गया है। इसके अलावा ट्रैक, ओएचई, सिग्नलिंग प्रणाली जैसे काम को भी पूरा कर लिया गया है। ट्रेनों की रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा करने के लिए किए जा रहे कामों पर 6661.41 करोड़ रुपये की लागत आई है।


 
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मिशन रफ्तार से बढ़ेगी ट्रेनों की स्पीड़। - फोटो : अमर उजाला
यात्रीगण ध्यान दें! आने वाले दिनों में आपकी यात्रा न केवल सुखद होगी, बल्कि सुगम भी होने जा रही है। भारतीय रेलवे सेमी हाई स्पीड ट्रेनों और लग्जरी ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इससे 45 मिनट से लेकर चार घंटे तक की समय की बचत होगी। यानी अब दिल्ली से मुंबई तक का सफर न केवल केवल आसान होगा, बल्कि समय की भी बचत होगी। इसमें अच्छी बात यह है कि ट्रेनों के किराये में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं होगी।

160 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें
रेलवे से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अहमदाबाद-मुंबई के बीच चल रही वंदे भारत सेमी हाई स्पीड ट्रेन अभी 130 किमी की रफ्तार से चल रही है। आने वाले दिनों से यह ट्रेन 160 किमी की रफ्तार से दौड़ती हुई नजर आएगी। अहमदाबाद-मुंबई और मुंबई-दिल्ली के ट्रैक की क्षमता को अपग्रेड कर दिया गया है। वहीं, अहमदाबाद-मुंबई और मुंबई-नागदा लाइन पर मौजूद कुल 126 रेल ब्रिज को भी 160 किमी की स्पीड के लायक बना दिया गया है। इसके अलावा ट्रैक, ओएचई, सिग्नलिंग प्रणाली जैसे काम को भी पूरा कर लिया गया है। ट्रेनों की रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा करने के लिए किए जा रहे कामों पर 6661.41 करोड़ रुपये की लागत आई है।

 

मिशन रफ्तार से बढ़ेगी ट्रेनों की स्पीड़। - फोटो : अमर उजाला
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मिशन रफ्तार के तहत ट्रैक अपग्रेडेशन होने पर अब सेमी हाई स्पीड ट्रेन 160 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी। लेकिन किराये पर इसका असर बिल्कुल नहीं पड़ेगा। स्पीड बढ़ने से रनिंग टाइम में अंतर भी आएगा। सभी वंदे भारत ट्रेन, शताब्दी, राजधानी, दुरंतो और तेजस एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को 160 किमी की रफ्तार से चलाया जाएगा। बाद में अन्य ट्रेनों को चलाने पर फैसला होगा। इन ट्रेनों के टाइम टेबल को भी अपडेट किया जाएगा। हालांकि इस पर निर्णय रेलवे बोर्ड करेगा। इसके अलावा टक्कर विरोधी प्रणाली यानी कवच काम भी इन रूटों पर अंतिम चरण में है। कुछ जगह पर सफल ट्रायल भी हो चुका है।

क्या है मिशन रफ्तार?
भारतीय रेलवे मिशन रफ्तार के तहत एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने का काम कर रहा है। साथ ही, मालगाड़ियों की रफ्तार भी बढ़ाई जाएगी। मिशन रफ्तार के तहत इन सभी ट्रेनों की औसत गति को और बढ़ाया जाएगा। ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए एक पूरी प्रक्रिया का पालन करना होता है। इसमें ट्रैक्स, सिग्नल सिस्टम, ओवरहेड इक्विपमेंट, ट्रेन के डिब्बे और इंजन को अपग्रेड करना होता है। वहीं इसके तहत बाईपास फुटओवर ब्रिज का निर्माण भी करना होता है। इस मिशन के अंतर्गत रेलवे के सभी डीजल इंजन को मेमू यानी मेन लाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट में तब्दील कर दिया जाएगा।

भारतीय रेलवे के मिशन रफ्तार के तहत लंबी दूरी को कम समय में ही तय करने का उद्देश्य रखा गया है। लंबे रूट की ट्रेनों के लिए मिशन रफ्तार के तहत ट्रेनों की गति कम से कम 160 किलोमीटर प्रति घंटा करने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत ट्रेनों में तो बदलाव किए ही जा रहे हैं, तो वहीं रेलवे के पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर में भी जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। रेलवे की यात्रा में ट्रेन के लिए जो भी चीज बाधा बनती है, उन्हें भी कम करने की योजना इसमें शामिल है। 
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