फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vande Bharat: अब तक दो करोड़ लोग कर चुके यात्रा, 2023-24 में ट्रेन का सफर पृथ्वी के 310 चक्कर लगाने के बराबर

Mon, 15 Apr 2024 10:28 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वंदे भारत की प्रशंसा करते हुए अधिकारियों ने कहा कि यह आधुनिकीकरण की एक नई पहचान बन गई है। रेलवे ने बताया कि पांच साल पहले 15 फरवरी 2019 को दिल्ली और वाराणसी के बीच दो ट्रेनों से शुरू हुईं थीं। आज देश में 102 वंदे भारत ट्रेनें हैं।
विज्ञापन
वंदे भारत। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय रेलवे ने सोमवार को अपनी स्थापना के 171 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। सन् 1853 में आज के दिन ही मुंबई और ठाणे के बीच पहली बार ट्रेन चली थी। 171 वर्ष पूरे होने के अवसर पर रेलवे अधिकारियों ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में रेलवे की यात्रा शानदार रही। रेलवे ने देश के लगभग हर कोने को कवर करने के लिए अपने नेटवर्क का सफलतापूर्वक विस्तार किया है।

वंदे भारत से अब तक दो करोड़ लोगों ने किया सफर

विज्ञापन

वंदे भारत की प्रशंसा करते हुए अधिकारियों ने कहा कि यह आधुनिकीकरण की एक नई पहचान बन गई है। रेलवे ने बताया कि पांच साल पहले 15 फरवरी 2019 को दिल्ली और वाराणसी के बीच दो ट्रेनों से शुरू हुईं थीं। आज देश में 102 वंदे भारत ट्रेनें हैं। 102 वंदे भारत आज 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 284 जिलों तक अपनी सेवाएं दे रही हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में वंदे भारत ट्रेनों द्वारा तय की गई दूरी पृथ्वी के 310 चक्कर लगाने के बराबर हैं। फरवरी 2019 को लॉन्च होने के बाद से अब तक दो करोड़ लोगों ने वंदे भारत में सफर किया है। वंदे भारत हवाई जहाज के बराबर सुविधाएं प्रदान करता है। 

वंदे भारत स्लीपर लॉन्च करने की तैयारी
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर वर्जन को 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के लिए डिजाइन किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि रेलवे ने 400 वंदे भारत ट्रेनों के लिए टेंडर जारी किए थे। अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की कुछ शुरुआती ट्रेनें स्वदेश निर्मित ट्रेनों का स्लीपर वर्जन भी हो सकती हैं। योजना के मुताबिक, पहली 200 वंदे भारत ट्रेनों में शताब्दी एक्सप्रेस की तर्ज पर बैठने की व्यवस्था होगी। दूसरे चरण में 200 वंदे भारत ट्रेनें स्लीपर होंगी और इन्हें एल्युमीनियम से बनाया जाएगा। स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों का दूसरा वर्जन 200 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से चलेगा। इसके लिए दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-कोलकाता रेलवे की पटरियों की मरम्मत की जा रही है, सिग्नल सिस्टम, पुलों को ठीक किया जा रहा है और बाड़ लगाई जा रही है। काम चल रहा है। इसके अलावा दोनों रेल मार्गों पर 1,800 करोड़ रुपये की लागत से टक्कर रोधी तकनीकी कवच लगाया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें