पाकिस्तान की जेल में बंद 184 भारतीय मछुआरों की जेल की सजा पूरी हो चुकी है। भारत ने इन कैदियों को रिहा करने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इन कैदियों की स्वदेश वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा पाकिस्तान से 12 नागरिक कैदियों (Civilian Prisoners) को तत्काल राजनयिक पहुंच (Consular Access) प्रदान करने के लिए भी कहा गया है।
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से कहा, 12 नागरिक कैदियों के बारे में माना जाता है कि वे भारतीय हैं। इन्हें कॉन्सुलर एक्सेस मिलना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'भारत सरकार ने पाकिस्तान की हिरासत से नागरिक कैदियों, लापता भारतीय रक्षा कर्मियों और मछुआरों को उनकी नौकाओं के साथ जल्द रिहा करने और भारत वापस भेजने की अपील की है।'
मानवीय मामलों को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध
सोमवार को एक बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान से सभी भारतीय और भारतीय माने जाने वाले नागरिक कैदियों और मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है। सरकार ने कहा, भारत एक-दूसरे के देश में कैदियों और मछुआरों से संबंधित मामलों सहित सभी मानवीय मामलों को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत की जेल में बंद हैं पाकिस्तानी
इसी नीति के तहत भारत ने पाकिस्तान से मछुआरों सहित 65 पाकिस्तानी कैदियों की राष्ट्रीयता / नागरिकता की पुष्टि करने की अपील भी की है। जरूरी कार्रवाई में तेजी लाने का आग्रह करते हुए भारत ने बताया कि जेलों में बंद इन कैदियों की स्वदेश वापसी, पाकिस्तान की तरफ से राष्ट्रीयता की पुष्टि के अभाव में लंबित है।
अब तक 2600 से अधिक लोगों की स्वदेश वापसी
विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार लगातार दूसरे देश की जेल में बंद कैदियों को सुरक्षित रिहा कराने का प्रयास कर रही है। इसी नीति का असर है कि बीते लगभग 10 साल में (2014 के बाद) 2,639 भारतीय मछुआरों और 67 भारतीय नागरिक कैदियों को पाकिस्तान से वापस लाया जा चुका है। इनमें 478 भारतीय मछुआरे और नौ भारतीय नागरिक कैदी शामिल हैं। इन लोगों को 2023 में पाकिस्तान से वापस लाया गया।
दोनों देशों ने कैदियों की सूची शेयर की
कैदियों की रिहाई की अपील के अलावा भारत ने अपनी जेल में बंद पाकिस्तानी नागरिकों की सूची भी साझा की है। भारत की जेलों में हिरासत में बंद 337 नागरिक कैदियों और 81 मछुआरों की सूची पाकिस्तान भेजी गई है। ये पाकिस्तानी हैं या पाकिस्तानी माने जाते हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान ने भी वहां की जेलों में कैद 47 नागरिक कैदियों और 184 मछुआरों की सूची साझा की है। ये लोग भारतीय हैं या माना जाता है कि इनके पास भारतीय नागरिकता है।
15 साल पहले शुरू हुई परंपरा
गौरतलब है कि भारत ने 2008 में पाकिस्तान से कैदियों की रिहाई को लेकर समझौता किया था। इसके तहत हर कैलेंडर वर्ष में 1 जनवरी और 1 जुलाई को कैदियों को रिहा करने की परंपरा बीते लगभग 15 साल से जारी है। इस प्रथा के तहत दोनों देश नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान प्रदान करते हैं।