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Singapore: भारतीय मूल के पूर्व जेल वॉर्डन को जेल, कैदी से रिश्वत मांगने का दोषी पाया गया; जानें पूरा मामला

Fri, 23 Feb 2024 12:35 PM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर

सार

चोंग केंग चे को जेल के ए 1 क्लस्टर में रखा गया था। इस दौरान यहां का जेल वॉर्डन कोबी कृष्ण अयावू था। उसने चोंग से नकदी लेने के बदले उसे ए 1 से किसी अन्य जेल में भेजने का वादा किया था।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : social media
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विस्तार
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सिंगापुर में एक भारतीय मूल के पूर्व जेल वॉर्डन को कैदी से रिश्वत मांगने के मामले में जेल की सजा सुनाई गई है। उसे पिछले साल दोषी पाया था कि उसने एक कैदी को जेल से बाहर स्थानांतरित करने के बदले आठ लाख से अधिक रुपये यानी 1,33,000 डॉलर की रिश्वत की मांग की थी। 

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इतने दिन की सजा
एक रिपोर्ट के अनुसार, 57 वर्षीय कोबी कृष्ण अयावू को अपने साथ काम करने वाले कर्मचारियों को कैदी की जानकारी देखने के लिए जेल प्रणाली का इस्तेमाल करने के लिए उकसाने का भी दोषी पाया गया था। अदालत ने पिछले साल अयावू को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आठ आरोपों के तहत दोषी ठहराया था। हालांकि, सजा का एलान अब किया गया। शुक्रवार को तीन साल और दो सप्ताह की जेल की सजा सुनाई गई।

यह आरोप भी सिद्ध
सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने उसे कंप्यूटर दुरुपयोग और साइबर सुरक्षा अधिनियम के तहत दो आरोपों का भी दोषी पाया था। दरअसल, कोबी ने जुलाई 2017 में अपने दो तत्कालीन सहयोगियों को अपने कार्यस्थल के कंप्यूटर प्लेटफॉर्म प्रिजन ऑपरेशंस एंड रिहैबिलिटेशन सिस्टम (पोर्ट्स) तक अनधिकृत पहुंच बनाने के लिए उकसाया था।
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कई मामलों में दोषी करार
कोबी ने अपने ऊपर लगे 10 आरोपों का विरोध किया था, जिनमें से ज्यादातर चोंग केंग ची नाम के कैदी से रिश्वत मांगने के थे, लेकिन उन सभी में उसे दोषी ठहराया गया। अभियोजन पक्ष ने दलील दी थी कि कोबी ने सितंबर 2015 से मार्च 2016 के बीच चोंग से रिश्वत मांगी थी। इनमें कार लोन की किस्तों का भुगतान, घर का नवीनीकरण, जन्मदिन समारोह और क्रेडिट कार्ड बिल शामिल थे।

यह था शुरुआती मामला
दरअसल, चोंग केंग चे नामक शख्स ने अपनी प्रेमिका के सात साल के बेटे के साथ तबतक दुर्व्यवहार किया था, जबतक उसकी मौत नहीं हो गई थी। इसी मामले में साल 2005 में उसे 20 साल की हिरासत की सजा सुनाई गई थी। उसे चांगी जेल के ए 1 क्लस्टर में रखा गया था, जो अपराधियों के लिए अधिकतम सुरक्षा वाली जेल है, जिन्हें लंबी सजा दी जाती है। इस दौरान यहां का जेल वॉर्डन कोबी कृष्ण अयावू था। उसने चोंग से नकदी लेने के बदले उसे ए 1 से किसी अन्य जेल में भेजने का वादा किया था।

यह है पूरा मामला
चोंग ने अदालत को बताया था,  'कोबी ने रिश्वत मांगी थी। मुझे पता था कि कोबी के पास इतना अधिकार नहीं है कि वह मुझे कहीं और भेज सके, लेकिन उसने झांसा दिया था कि उसका एक दोस्त खुफिया अधिकारी है, जो मदद कर सकता है। एक इंसान देखने भी आया था, जिसे कोबी ने अपना दोस्त बताया। इन सबके बावजूद साल 2016 की शुरुआत में एक चिकित्सा समीक्षा के बाद भी मुझे स्थानांतरित नहीं किया गया। इसके बाद जेल अधिकारी को कोबी के बारे में शिकायत दी।'

हालांकि, कोबी ने चोंग से पैसे मांगने की बात से इनकार कर दिया था। कोबी ने आरोप लगाया था कि चोंग ने ए 1 से बाहर स्थानांतरित होने के लिए झूठ बोला था क्योंकि जब किसी जेल अधिकारी के खिलाफ आरोप लगाया जाता है, तो अधिकारी या कैदी को स्थानांतरित कर दिया जाता है। वहीं, एक साथी कैदी ने भी गवाही दी कि कैसे चोंग ने उसे मदद के बदले जेल के एक कर्मचारी को पैसे देने के बारे में बताया था।

कोबी पर चोंग से रिश्वत मांगने का आरोप लगने के बाद, सिंगापुर जेल सेवा के साथ उनकी नौकरी निलंबित कर दी गई थी। उसे जुलाई 2017 से काम से निलंबित कर दिया गया था। बाद में दिसंबर 2022 में सेवानिवृत्त हुआ।

उप लोक अभियोजक मैग्डलीन हुआंग ने अपनी दलीलों में कहा कि कोबी ने सितंबर 2015 और मार्च 2016 के बीच आठ अलग-अलग मौकों पर चोंग से रिश्वत लेने की कोशिश की थी। कोबी ने चोंग से 3,000 डॉलर और 42,000 डॉलर के बीच रिश्वत देने के कोशिश की। 

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