महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी ने आठ फरवरी को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। इसके कुछ दिनों बाद ही पार्टी ने उनके बेटे जीशान सिद्दीकी को मुंबई यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया था। अब जीशान ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राहुल से मिलने के लिए उन्हें 10 किलो वजन घटाने के लिए कहा गया। साथ ही आरोप लगाए कि कांग्रेस में अल्पसंख्यक नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार हो रहा है।
जीशान सिद्दीकी ने गुरुवार को बताया कि महाराष्ट्र के नांदेड़ में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी के करीबी लोगों ने उनसे कहा था कि अगर आपको उनसे मिलना है तो आपको 10 किलो वजन घटाना होगा। इतना ही नहीं 31 वर्षीय नेता ने पार्टी पर भेदभावपूर्ण और सांप्रदायिक दृष्टिकोण होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अल्पसंख्यक नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार हो रहा है।
कांग्रेस में मुस्लिम होना पाप
उन्होंने दावा करते हुए कहा, 'कांग्रेस में अल्पसंख्यक नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जो व्यवहार किया जा रहा है वो दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस और मुंबई युवा कांग्रेस में सांप्रदायिकता का स्तर अन्य जगहों से अलग है। क्या कांग्रेस में मुस्लिम होना पाप है? पार्टी को जवाब देना होगा कि मुझे क्यों निशाना बनाया जा रहा है? क्या यह इसलिए हो रहा है क्योंकि मैं मुस्लिम हूं?'
बता दें कि बुधवार को जीशान सिद्दीकी को मुंबई यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाया गया था। उनके बाद यह जिम्मेदारी अखिलेश यादव को दी गई थी। सिद्दकी ने दावा किया कि चुनाव में 90 प्रतिशत वोट मिलने के बाद भी पार्टी ने यह कार्यभार देने में नौ महीनों का वक्त लिया था।
खरगे के हाथ बंधे हुए हैं
जीशान सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी पार्टी में पूर्ण स्वतंत्रता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, 'मल्लिकार्जुन खरगे इतने वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन उनके हाथ भी बंधे हुए हैं। राहुल गांधी अपना काम कर रहे हैं, लेकिन ऐसा लग रहा है जैसे उनके आसपास के लोगों ने कांग्रेस को खत्म करने के लिए अन्य पार्टियों से 'सुपारी' ले ली है।'