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Big News: स्वदेशी ड्रोन के तकनीकी विकास में नौसेना करेगी सहयोग, तीन स्वीडिश सैलानी गिरफ्तार, पढ़ें अहम खबर

Thu, 27 Oct 2022 06:27 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली

सार

नौसेना के कमोडोर एपी गोलाया ने कहा कि ड्रोन फेडरेशन के साथ समझौता नौसेना में समयबद्ध तरीके से ड्रोन प्लेटफार्मों को शामिल करने के लिए एक मजबूत रोडमैप बनाने के साथ उद्योग संबंध विकसित करने में मदद करेगा।
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ड्रोन - फोटो : pixabay
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विस्तार
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भारतीय नौसेना और ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया ने बुधवार को स्वदेशी ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत नौसेना के लिए ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और संबंधित प्रौद्योगिकियों के स्वदेशी विकास, निर्माण और परीक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। इस दिशा में नौसेना का प्रौद्योगिकी विकास एवं त्वरण सेल और ड्रोन फेडरेशन सहयोगात्मक रूप से काम करेंगे।

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समझौते के अनुसार नौसेना और ड्रोन फेडरेशन नौसेना-उद्योग-अकादमिक तालमेल और स्रोत प्रौद्योगिकी विकास चुनौतियों को पुरजा स्वदेशीकरण की दिशा में बढ़ाएंगे। भारतीय ड्रोन उद्योग के लिए विशेष रूप से समुद्री वातावरण में ड्रोन के तेजी से विकास और परीक्षण की सुविधा के लिए एक विशेष समुद्री ड्रोन परीक्षण स्थल भी निर्धारित किया जाएगा। नौसेना के कमोडोर एपी गोलाया ने कहा कि ड्रोन फेडरेशन के साथ समझौता नौसेना में समयबद्ध तरीके से ड्रोन प्लेटफार्मों को शामिल करने के लिए एक मजबूत रोडमैप बनाने के साथ उद्योग संबंध विकसित करने में मदद करेगा।

असम : चर्च के कार्यक्रम में भाग लिया, तीन स्वीडिश सैलानी गिरफ्तार
असम के डिब्रूगढ़ में विदेशी कानून की कुछ धाराओं के उल्लंघन के मामले में स्वीडन के तीन पर्यटकों को गिरफ्तार किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बितुल चेतिया के मुताबिक नामरूप पुलिस स्टेशन के अंतर्गत घिनाई में आयोजित एक प्रार्थना व शांति सभा में तीनों पर्यटक वीजा पर भाग लेने आए थे।
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तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें विदेशी कानून की कुछ धाराओं में दोषी पाया गया। अदालत ने जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को उनके प्रत्यर्पण की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। प्रार्थना सभा का आयोजन यूनाइटेड चर्च फोरम की ओर से किया गया था।

कर्नाटक पुलिस की जांच में खुलासा 
कंचुगल बंदे मठ के लिंगायत संत बसवलिंग की आत्महत्या मामले में कर्नाटक पुलिस ने जांच में खुलासा किया कि मृतक साधु को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। जांच में यह भी पता चला है कि इस साजिश के पीछे एक और संत का हाथ है। पुलिस ने बताया कि कुछ नेता समेत 10 से 15 लोगों की एक टीम ने योजना को अंजाम दिया। 

मृतक संत को निजी तस्वीरें और वीडियो के जरिए हनी ट्रैप और ब्लैकमेल किया गया। पुलिस ने पहले ही कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने बताया कि मृतक संत ने सुसाइड नोट में प्रताड़ना और हनी ट्रैपिंग का जिक्र किया है। मठ में सोमवार को संत रहस्यमय परिस्थितियों में फांसी पर लटका मिला था।

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