हिरासत में लिए गए समुद्री लुटेरे
- फोटो : एक्स/भारतीय नौसेना
भारतीय नौसेना समुद्री लुटेरों के कब्जे से छुड़ाए गए जहाज एमवी रुएन को भी भारतीय तट पर लेकर आ रही है। इस जहाज पर भारी मात्रा में स्टील मौजूद है। नौसेना ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान समुद्री लुटेरों ने भी मरीन कमांडो पर फायरिंग की, लेकिन जवाबी कार्रवाई के बाद उन्होंने हथियार डाल दिए।
बीते साल दिसंबर में अगवा हुआ था एमवी रुएन
माल्टा के व्यापारिक जहाज एमवी रुएन को बीते साल दिसंबर में अदन की खाड़ी से समुद्री लुटेरों ने अगवा कर लिया था। अब समुद्री लुटेरे इस जहाज का इस्तेमाल अन्य जहाजों को अगवा करने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। भारतीय नौसेना ने बीती 15 मार्च को एमवी रुएन जहाज को सोमालिया के पूर्वी तट पर इंटरसेप्ट किया। जिसके बाद नौसेना ने एमवी रुएन को समुद्री लुटेरों के चंगुल से छुड़ाने के लिए ऑपरेशन चलाया।
इस्राइल हमास युद्ध के बाद से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट खासकर लाल सागर और अदन की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों पर हमले की घटनाएं अप्रत्याशित तरीके से बढ़ गई हैं। ये हमले फलस्तीन के समर्थन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे हैं। वहीं इस बीच सोमालिया के समुद्री लुटेरे भी अरब सागर के इलाके में काफी सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में भारतीय नौसेना ने भी अरब सागर और अदन की खाड़ी के इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। इसके चलते हाल के दिनों में नौसेना ने कई व्यापारिक जहाजों को हमलों और अगवा होने से बचाया है। हाल ही में नौसेना ने बांग्लादेश के भी एक जहाज को समुद्री लुटेरों से बचाया था और अब सफल और खतरनाक ऑपरेशन चलाकर माल्टा के जहाज एमवी रुएन को बचाया है। इन ऑपरेशन के जरिए पूरी दुनिया में भारतीय नौसेना की साख बढ़ रही है और ऐसा माना जाता था कि भारतीय नौसेना का दबदबा हिंद महासागर तक ही सीमित है, लेकिन हाल के कई रेस्क्यू ऑपरेशन ने साफ कर दिया है कि हिंद महासागर के अलावा अरब सागर के क्षेत्र में भी भारत एक बड़ी शक्ति के रूप में उभर रहा है।