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भारतीय नौसेना: मरीन कमांडो के सामने समुद्री लुटेरों ने टेके घुटने, INS कोलकाता ने बचाया एमवी रुएन जहाज

Sat, 16 Mar 2024 08:50 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय नौसेना के हिंद और अरब महासागर में बढ़ते प्रभाव का एक और उदाहरण देखने को मिला है। भारतीय नौसेना लगातार समुद्री लुटेरों से जहाजों की रक्षा कर रहे हैं। अपहरण किए गए जहाज एमवी रुएन पर समुद्री डाकुओं के बारे में जानकारी देते हुए भारतीय नौसेना ने कहा कि ऑपेरशन खत्म हो गया है, जो ऑपरेशन संकल्प का हिस्सा है।
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समुद्री लुटेरों से चालक दल को बचाया - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय नौसेना के हिंद और अरब महासागर में बढ़ते प्रभाव का एक और उदाहरण देखने को मिला है। नौसेना सोमालियाई लुटेरों से एक जहाज को बचाने की कोशिश कर रही है। बचाव अभियान के दौरान समुद्री लुटेरों ने नौसेना के युद्धक जहाज पर हमला भी किया। भारतीय नौसेना ने व्यापारी जहाज के चालक दल के साथ संपर्क स्थापित किया है। भारतीय नौसेना के अधिकारी ने कहा कि जहाज में 15 से अधिक दल बुल्गारिया, अंगोला और म्यांमार से हैं। अधिकारी के मुताबिक समुद्री लुटेरों ने भारतीय नौसेना पर गोलीबारी की थी, लेकिन उनके खिलाफ मरीन कमांडो ने अपना ऑपेशन पूरा कर दिया है। 
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जहाज पर तकरीबन 30 से अधिक समुद्री डाकू थे
मामले की जानकारी देते हुए भारतीय नौसेना के अधिकारी ने कहा कि अपहरण किए गए जहाज एमवी रुएन पर समुद्री डाकुओं की संख्या 30 से अधिक है। नौसेना ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक समुद्री लुटेरों के जहाज के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। नौसेना ने बयान जारी कर बताया कि 'समुद्री लुटेरों ने भारतीय नौसेना के युद्धक जहाज पर फायरिंग की।  नौसेना ने कहा कि 'इंडियन नेवी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
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आईएनएस कोलकाता ने घेरा समुद्री लुटेरों को
पिछले 40 घंटो से लगातार कार्रवाई के जरिए आईएनएस कोलकाता ने सभी 35 समुद्री लुटेरों को घेर लिया और उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूत किया। बिना किसी नुकसान के चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचाया गया है।आईएनएस कोलकाता ने भारतीय तट से लगभग 1400 एनएम (2600 किमी) दूर समुद्री लुटेरों के जहाज रुएन को रोक लिया था और आईएनएस सुभद्रा, हेल आरपीए, पी8आई समुद्री गश्ती विमान और मार्कोस प्रहार वायु सेना द्वारा की गई कार्रवाई के जरिए समुद्री लुटेरों के जहाज को रुकने के लिए मजबूर किया था।
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