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Indian Army: सैन्य बलों को अरुणाचल में मिले दो फायरिंग रेंज, ऊंचाई पर लड़ाई की तैयारी में होंगे अहम साबित

Wed, 04 Oct 2023 12:28 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर

सार

मंडाला में सेना ने अपनी बोफोर्स होवित्जर तोपों, फील्ड गन्स और 120 एमएम मोर्टार के साथ ही अन्य भारी वाहनों की अत्यधिक ऊंचाई वाली जगह पर क्षमता परखी। इनके साथ ही धनुष, सारंग, पिनाका, के-9 वज्र टैंक और मल्टी रॉकेट लॉन्चर का भी परीक्षण किया गया। 
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अरुणाचल में सेना को मिलीं दो फायरिंग रेंज - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अरुणाचल प्रदेश में सेना को हाई एल्टीट्यूड (ऊंचाई वाले स्थान) वाली जगह पर दो फायरिंग रेंज उपलब्ध कराए गए हैं। इन फायरिंग रेंज में सैन्य बल विभिन्न हथियारों और निगरानी उपकरणों का अभ्यास करेंगे, जो सेना की तैयारी में अहम साबित होंगे। बता दें कि जहां फायरिंग रेंज उपलब्ध कराई गई है, वह जगह एलएसी से महज 50 किलोमीटर की दूरी पर ही है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अरुणाचल के मंडाला और कामराला में दो फायरिंग रेंज सेना को सौंपी। ये दोनों फायरिंग रेंज 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं। 
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टैंक-तोपों के साथ किया गया परीक्षण
बता दें कि मई में मंडाला में बुलंद भारत के नाम से एक युद्धाभ्यास पहले ही आयोजित हो चुका है। जिसमें सेना ने अपने हथियारों और निगरानी की ताकत का परीक्षण किया। इस दौरान सेना की इंफेंट्री के साथ आर्टिलरी रडार और विभिन्न हथियारों से फायरिंग का परीक्षण किया गया। मंडाला में सेना ने अपनी बोफोर्स होवित्जर तोपों, फील्ड गन्स और 120 एमएम मोर्टार के साथ ही अन्य भारी वाहनों की अत्यधिक ऊंचाई वाली जगह पर क्षमता परखी। इनके साथ ही धनुष, सारंग, पिनाका, के-9 वज्र टैंक और मल्टी रॉकेट लॉन्चर का भी परीक्षण किया गया। 

सेना की तैयारियों में मिलेगी मदद
अब जल्द ही कामराला में भी सैन्य अभ्यास आयोजित किया जाएगा। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीएम पेमा खांडू ने खुद पहल कर ये फायरिंग रेंज सेना को सौंपी। बता दें कि बीते साल दिसंबर में जब चीनी सेना के जवान अरुणाचल प्रदेश की सीमा में घुस आए थे तो वह इलाका यांग्तसे भी सीएम पेमा खांडू की विधानसभा मुक्तो को अंतर्गत आता है। यांग्तसे में दोनों सेनाओं के सैनिकों के बीच झड़प भी हुई थी। सूत्रों का कहना है कि ऊंचाई वाले स्थानों पर युद्धाभ्यास से सेना की तैयारियों में काफी इजाफा होगा। खासकर जो जवान लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में ऊंचाई वाले स्थानों पर तैनात हैं, उन्हें इन फायरिंग रेंज से काफी मदद मिलेगी। 
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