भारतीय सेना ने रविवार को दूसरे दिन भी उत्तर सिक्किम में फंसे पर्यटकों को बचाने का काम जारी रखा। इस दौरान तीन सौ से अधिक पर्यटकों को रविवार को सुरक्षित निकाला गया। भारतीय सेना ने पर्यटकों के लिए विश्राम, मेडिकल और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की।
सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि त्रिशक्ति कोर भारतीय सेना के सैनिकों ने उत्तरी सिक्किम के चुंगथांग में रविवार सुबह भी राहत और बचाव कार्य जारी रखा। इस दौरान सेना ने लाचुंग और लाचेन में तीन सौ से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाला। स्ट्राइकिंग लायन डिवीजन और त्रिशक्ति कोर के सैनिक पिछले दो दिनों से लगातार बारिश और भू-स्खलन के बीच पर्यटकों की सहायता कर रहे हैं। रविवार सुबह 11 बजे तक, सभी 300 पर्यटकों को गंगटोक ले जाने और अस्थायी पुल पार करने में मदद की। पर्यटकों को भारतीय सेना के जवानों द्वारा भोजन, विश्राम स्थल और चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई।
रावत ने बताया कि दोपहर करीब सवा बारह बजे एक पर्यटक बेहोश हो गया, जिसे सेना की मेडिकल टीम ने तुरंत मदद की। मरीज को तुरंत एंबुलेंस और स्ट्रेचर से बाहर निकाला गया और आगे के इलाज के लिए नजदीकी आर्मी फील्ड अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है।
ब्रह्मपुत्र बालू में फंसी मेडिकल टीम को बचाया गया
इस बीच असम के डिब्रूगढ़ में फंसी 11 सदस्यीय चिकित्सा टीम को रविवार को बचा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के कर्मी टीम को डिब्रूगढ़ शहर में सुरक्षित वापस ले आए। टीम में डॉक्टर, नर्स, प्रयोगशाला तकनीशियन और सहायक शामिल थे। सभी 1,000 लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए लगभग पांच दिन पहले चरखोलिया सपोरी (सैंडबार) गए थे।
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार शाम को लौटते समय उन्हें ले जा रही नाव रास्ता भटक गई। इस दौरान उन्होंने रात बिताने के लिए नदी के बीच में एक सपोरी यानी बालू के टीले जैसी जगह पर शरण ली। इसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन से संपर्क किया।
भारत और बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा एजेंसियों ने की चर्चा
भारत और बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा एजेंसियों ने रविवार को सीमा पार अपराध और अन्य संबंधित मामलों सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने अपराधों पर अंकुश लगाने और आपसी विश्वास बढ़ाने के लिए सूचना साझा करने पर जोर दिया। चर्चा असम के धुबरी जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिरीक्षक दिनेश कुमार यादव और सीमा रक्षक बांग्लादेश के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल एमडी मोरशेड आलम के बीच हुई बैठक में हुई।