सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सेना की जंग वाली नई वर्दी को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी की मदद से डिजाइन किया गया है। इसके लिए 15 पैटर्न्स, आठ डिजाइन और चार फैब्रिक्स के विकल्पों से गुजरा गया।
केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया पर सेना की नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म के बारे में फैलाई जा रही गलत जानकारियों पर नाराजगी जाहिर की है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सरकार के सूत्रों के हवाले से बताया कि भारतीय सेना की नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म के बारे में भ्रांति फैलाई जा रही है कि यह श्रीलंका के उग्रवादी संगठन लिट्टे की तर्ज पर डिजाइन हुई है। जबकि सच्चाई यह है कि भारतीय सेना की नई ड्रेस कैमूफ्लाज पैटर्न पर बनी है, जिसकी छवि फिल्टर लगाकर बिगाड़ने की कोशिश की गई है।
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यूनिफॉर्म की फर्जी तस्वीरों पर क्या बोली सरकार?
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सेना की जंग वाली नई वर्दी को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी की मदद से डिजाइन किया गया है। इसके लिए 15 पैटर्न्स, आठ डिजाइन और चार फैब्रिक्स के विकल्पों से गुजरा गया। लेकिन सोशल मीडिया पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से फिल्टर का इस्तेमाल करते हुए कॉम्बैट यूनिफॉर्म की गलत तस्वीर और इसके बारे में गलत जानकारी पेश की जा रही है।
सेना दिवस पर लॉन्च होनी है नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म
गौरतलब है किभारतीय सेना के करीब 13 लाख सैनिकों को नई वर्दी मिलने की खबर दिसंबर, 2021 में सामने आई थी। डिजिटल पैटर्न पर आधारित सेना की इस नई यूनिफॉर्म का पहला लुक अगले साल 15 जनवरी को होने वाली आर्मी डे परेड के दौरान दिखेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, यह मौजूदा समय की यूनिफॉर्म के मुकाबले अधिक हल्की, मौसमों के अनुरूप और विषम परिस्थितियों में भी रहने लायक है।
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देश की नौसेना अपने सैनिकों के लिए पिछले साल नई कैमोफ्लेज वर्दी लागू कर चुका है। उसने अपनी लाइट ब्लू हाफ शर्ट और नेवी ब्लू ट्राउजर को बदला था। बता दें कि थल सेना, नौसेना और वायुसेना के पास अलग-अलग मौकों पर पहनने के लिए वर्दी के अलग अलग सेट होते हैं।