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India US: हिंद महासागर में सक्रिय होगा खास सिस्टम, भारत अमेरिका ने लिया बड़ा फैसला; इन कामों में मिलेगी मदद

Thu, 11 Apr 2024 05:51 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

India US: भारत और अमेरिका ने फैसला लिया है कि हिंद महासागर अवलोकन प्रणाली (IndOOS) को फिर से सक्रिय किया जाएगा। इसकी मदद से मौसम के पूर्वानुमान और वायुमंडलीय डेटा एकत्र करने में मदद मिलेगी। 

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हिंद महासागर (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : iStock
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विस्तार
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भारत और अमेरिका द्वारा हिंद महासागर अवलोकन प्रणाली (IndOOS) को फिर से सक्रिय करने का फैसला लिया गया है। इंडियन ओशन ऑब्जर्विंग सिस्टम (IndOOS) एक खास तरह की प्रणाली है, जिसकी मदद से मौसम के पूर्वानुमान और वायुमंडलीय डाटा एकत्रित करने में आसानी होती है। यह सिस्टम 36 दलदली सतहों पर फैला एक तरह का नेटवर्क है, जिससे मौसम विज्ञानियों को पूर्वानुमान में काफी सहायता मिलती है। कोरोना महामारी के दौरान इस प्रणाली की अनदेखी की गई थी, जिस वजह से मौसम वैज्ञानिकों को महत्वपूर्ण डेटा हासिल करने में मुश्किल हो रही थी। 

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भारत-अमेरिका के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत
पिछले महीने पृथ्वी विज्ञान सचिव एम रविचंद्रन की अमेरिका के राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन के अधिकारी रिक स्पिनराड के साथ एक बैठक हुई। इस दौरान हिंद महासागर अवलोकन प्रणाली को फिर से सक्रिय करने को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद रविचंद्रन ने कहा कि भारत और अमेरिका इसे फिर से सक्रिय करना चाहते हैं। उन्होंने मार्च में अपनी वाशिंगटन यात्रा के दौरान राष्ट्रीय समुद्री और वायुमंडलीय संचालन (NOAA) प्रमुख के साथ इस पर चर्चा की थी। उनका कहना है कि एनओएए इसके लिए अपकरण प्रदान करने के लिए राजी हो गया है।

अमेरिकी मौसम विज्ञान सोसायटी ने क्या कहा?
अमेरिकी मौसम विज्ञान सोसायटी (बीएएमएस) ने एक लेख में बताया है कि कई देशों के मौसम वैज्ञानिकों ने लिखा है कि कोरोना महामारी की वजह से हिंद महासागर अवलोकन प्रणाली की तैनाती और रखरखाव को बाधित किया है। इस वजह से उपकरणों की खरीद और नवीनीकरण पर ध्यान देना जरूरी है। लेख में आगे बताया गया है कि इस सिस्टम के उपकरण साल में एक बार बदले जाते हैं क्योंकि इसके सेंसर काम करना बंद कर देते हैं और बैटरियां खत्म हो जाती हैं। इनकी मरम्मत आम तौर पर इंडोनेशिया, भारत और दक्षिण कोरिया के अनुसंधान जहाजों का उपयोग करके की जाती है।
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बताया गया है कि चक्रवात की चेतावनी, तूफान की चेतावनी, मानसून की भविष्यवाणी और जलवायु पूर्वानुमान के लिए इस प्रणाली (IndOOS) का परिचालन और अवलोकन आवश्यक है।

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