अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन
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भारत अपने लोकतंत्र की ताकत और मानवाधिकारों को लेकर हमेशा से खुले मंचों पर अपनी बात करता रहा है। वहीं आधिकारिक सूत्रों ने भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों को बनाए रखने में अपनी उपलब्धियों पर गर्व होने की बात कही है।
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन दो दिवसीय यात्रा पर 27 जुलाई को भारत आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान विभिन्न मुद्दों को उनके समक्ष उठाया जाएगा। एंटनी ब्लिंकन इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के रक्षा संबंध और मजबूत करने पर भी बातचीत होगी।
दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री डीन थॉम्पसन ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह ब्लिंकन यात्रा की दौरान भारतीय अधिकारियों के साथ मानवाधिकारों और लोकतंत्र के मुद्दों को उठाएंगे।
'मानवाधिकार और लोकतंत्र किसी खास परिप्रेक्ष्य से परे'
अमेरिका ने एक दिन पहले कहा था कि ब्लिंकन अपनी भारत यात्रा के दौरान मानवाधिकारों और लोकतंत्र का मुद्दा उठाएगा। इसे लेकर सरकारी सूत्रों ने कहा कि मानवाधिकार और लोकतंत्र सार्वभौमिक हैं और एक विशेष राष्ट्रीय या सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य से परे हैं। लंबे समय से चले आ रहे बहुलवादी समाज के रूप में, भारत उन लोगों को शामिल करने के लिए तैयार है जो अब विविधता के मूल्य को पहचान रहे हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि ब्लिंकन की दिल्ली यात्रा साझेदारी को मजबूत करने और साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग को रेखांकित करने के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। अपनी यात्रा के दौरान अमरिकी विदेश मंत्री के साथ कोविड-19 से निपटने के प्रयासों पर निरंतर सहयोग, हिंद-प्रशांत क्षेत्र, साझा क्षेत्रीय सुरक्षा हितों, क्वाड सहयोग, अफगानिस्तान में शांति, सीमा पर आतंकवाद, साझा लोकतांत्रिक मूल्य और जलवायु संकट सहित कई मुद्दों पर चर्चा होगी।