विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A की समन्वय समिति की बुधवार को दिल्ली में बैठक हुई। इस बैठक में विपक्षी गठबंधन की आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बैठक में विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने तय किया है कि वो अपने नेताओं और प्रवक्ताओं को कुछ टीवी एंकर्स के शो में भेजना बंद करेंगे। अब इसे लेकर राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने इस मुद्दे पर विपक्ष को घेर लिया है।
'झूठ पर खड़ा गठबंधन, सच से डरा'
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'झूठ बोलने के एक सूत्रीय कार्यक्रम के तहत बने सनातन विरोधी INDI एलायंस को सच सुनने में डर लगता है। इसलिए वे घमंडिया गठबंधन के आगे ना झुकने वाले पत्रकारों के खिलाफ प्रतिबंध का एलान कर रहे हैं।' केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि 'मीडिया पर बैन लगाना और अपनी आलोचना में उठे स्वर को दबाना कांग्रेस की पुरानी आदत है। साफ है कि झूठ पर खड़ा ये गठबंधन, सच से डरा हुआ है।'
धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि 'जिन्हें सच सुनने का ही साहस नहीं है, वे लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। अभी तो घमंडिया गठबंधन ठीक से बना भी नहीं कि उनका लोकतंत्र और मीडिया विरोधी चाल-चरित्र-चेहरा दिखने लगा है। पत्रकारों पर प्रतिबंध लोकतंत्र की मर्यादा तार-तार करने वाला है। लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। यह निंदनीय भी है।'
'विपक्षी गठबंधन में छटपटाहट'
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया है। इस पोस्ट में अनुराग ठाकुर विपक्षी गठबंधन के नेताओं पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगा रहे हैं। पोस्ट के कैप्शन में अनुराग ठाकुर ने लिखा कि पत्रकारों का बायकॉट, उनके ऊपर मुकदमे...I.N.D.I.A एलायंस में इतनी छटपटाहट क्यों है? अनुराग ठाकुर ने एक अन्य बयान में कहा कि 'विपक्षी गठबंधन, मीडिया के खिलाफ जो कदम उठा रहा है, वो आपातकाल 2.0 है। यह दिखाता है कि उनका लोकतंत्र में विश्वास नहीं है।'
भाजपा ने विपक्षी गठबंधन द्वारा पत्रकारों के बहिष्कार की कड़ी निंदा की और एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। इस प्रेस विज्ञप्ति में भाजपा ने आरोप लगाया कि मीडियो को खुलेआम धमकी देना जनता की आवाज कुचलने की कोशिश जैसा है। यह कांग्रेस की आपातकाल वाली सोच को दर्शाता है। भाजपा नेता अनिल बलूनी ने इस प्रेस विज्ञप्ति को सोशल मीडिया पर साझा किया है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि INDIA गठबंधन ने कुछ पत्रकारों का बहिष्कार किया है। वही लोग जो हमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भाषण दे रहे थे, उन्होंने न्यूज एंकरों का बहिष्कार करके अपने असहिष्णु रवैये को साबित कर दिया है। अगर ये लोग सरकार में आते हैं तो सबसे पहले ये प्रेस सेंसरशिप लगाएंगे।
बता दें कि दिल्ली में शरद पवार के आवास पर हुई विपक्षी गठबंधन की समन्वय समिति की बैठक में, मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से खबर आ रही है कि कुछ एंकर्स के नाम जारी किए गए हैं। इन्हीं एंकर्स के शो में विपक्षी गठबंधन के नेता शामिल होंगे और अपना पक्ष रखेंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, विपक्षी गठबंधन द्वारा कुछ टीवी चैनल्स का पूरी तरह से बहिष्कार किया जाएगा तो कुछ चैनल्स के सिर्फ एंकर्स का बहिष्कार किया जाएगा। विपक्षी दलों के नेता अक्सर कुछ टीवी एंकर्स पर सत्ताधारी पार्टी के समर्थन का आरोप लगाते रहे हैं। राहुल गांधी भी कई बार सार्वजनिक तौर पर इसे लेकर तंज कस चुके हैं।