रक्षा सूत्रों ने बताया कि भारत की तरफ से फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राशिम बाली और चीन की तरफ से उनके समकक्ष अफसर ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर पर बैठक की। बैठक पांच महीनों के अंतराल के बाद हुई। दोनों के बीच पिछली बैठक दिसंबर 2022 में हुई थी।
पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद के बीच दोनों देशों के बीच अहम बातचीत हुई। दरअसल, तीन साल पुराने सैन्य गतिरोध को हल करने के लिए भारत और चीन के बीच रविवार को पूर्वी लद्दाख सेक्टर के चुशुल-मोल्दो में कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई। 18वें दौर की इस वार्ता में सीमा पर टकराव के अनसुलझे मसलों को हल करने के लिए अहम बातचीत हुई।
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पिछली बैठक दिसंबर 2022 में हुई थी
रक्षा सूत्रों ने बताया कि भारत की तरफ से फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राशिम बाली और चीन की तरफ से उनके समकक्ष अफसर ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर पर बैठक की। बैठक पांच महीनों के अंतराल के बाद हुई। दोनों के बीच पिछली बैठक दिसंबर 2022 में हुई थी।
भारत ने इन मुद्दों को उठाया
यह बैठक ऐसे वक्त हुई, जब दोनों ही देश अपनी-अपनी तरफ निर्माण कार्यों को तेज करने में लगे हुए हैं। दोनों ही देश अपनी-अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए एड़ी-चोटी का दम लगा रहे हैं। भारत ने बैठक में देप्सांग प्लेंस, देमचोक और दोनों तरफ से सैनिकों की वापसी का मुद्दा उठाया।
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चीन की आक्रामकता के बाद बिगड़े थे हालात
2020 में कोरोना के दौरान चीन की ओर से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर यथास्थिति को बदलने के लिए भारी हथियारों और बड़ी संख्या में सैनिकों को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश के बाद पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच मामलों को सुलझाने के लिए कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता शुरू हुई थी।
सैन्य-राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत पर सहमत
हालांकि, कई दौर की वार्ता के बाद दोनों देश पीछे हटने को तैयार हो गए थे। दोंनो ही देशों की सेनाएं पीछे हट गई थीं। कई इलाकों को लेकर अब भी वार्ता जारी है। आज हुई वार्ता में भी दोनों देश संपर्क में रहने और सैन्य-राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत बनाए रखने और जल्द से जल्द शेष मुद्दों के स्वीकार्य समाधान पर काम करने पर सहमत हुए।