वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी गतिरोध दूर करने के लिए भारत और चीन के बीच उच्च अधिकारियों की 28 दौर की बैठक हो चुकी है। परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (WMCC) की बैठक पर विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है।
भारत-चीन सीमा विवाद दूर करने के लिए परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) बनाया गया है। इसकी 28वीं बैठक 30 नवंबर को हुई। भारत-चीन सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के नजदीक गतिरोध के मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच गहन मंथन हुआ। विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों के बड़े अधिकारियों की वार्ता के बारे में कहा कि 27 दौर की बैठकों के बाद वर्तमान परिस्थितियों की समीक्षा की गई। दोनों देशों के बीच वार्ता जारी रखने पर भी सहमति बनी।
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विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा, अधिकारियों की उच्च स्तरीय वार्ता में दोनों देशों के बीच बरकरार गतिरोध और विवादित मुद्दों को हल करने पर रचनात्मक चर्चा हुई। पूर्वी लद्दाख में पूर्ण सैन्य विघटन (सेना को पीछे हटाने) के प्रस्तावों पर भी खुली, रचनात्मक और गहन चर्चा में हुई।
गतिरोध दूर करने की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों पर विदेश मंत्रालय ने कहा, दोनों पक्ष सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने, जमीन पर स्थिर स्थिति सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने पर सहमत हैं। दोनों पक्ष शांति बहाली का मकसद हासिल करने के लिए सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत जारी रखने पर भी राजी हैं।
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विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों देश वरिष्ठ कमांडरों की अगली बैठक जल्द से जल्द आयोजित करने पर सहमत हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष इस बात को समझते हैं कि बातचीत से ही गतिरोध खत्म किया जा सकता है। ऐसे में दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत हैं कि अप्रिय घटनाओं को टालने के लिए बातचीत का सिलसिला चलता रहना चाहिए।