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भारत-चीन सीमा विवाद: 15 दिसंबर के बाद हो सकती है कोर कमांडर स्तर की 14वीं वार्ता, हॉट स्प्रिंग्स रहेगा मुद्दा

Thu, 02 Dec 2021 05:03 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद और सैन्य गतिरोध को लेकर 14वें दौर की कोर कमांडर स्तरीय वार्ता का आयोजन दिसंबर के दूसरे हिस्से में किया जा सकता है।
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भारत और चीन की सेना - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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चीन के साथ सीमा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चल रहे गतिरोध को हल करने के लिए भारत और चीन दिसंबर के दूसरे हिस्से में 14वें दौर की कोर कमांडर वार्ता आयोजित कर सकते हैं। बातचीत के लिए आमंत्रण चीनी पक्ष की तरफ से आना है। समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकारी सूत्रों ने बताया कि संभावना है कि वार्ता दिसंबर के दूसरे भाग यानी 15 तारीख के बाद ही होगी। 

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सूत्रों ने कहा कि यह समय भारत के लिए उपयुक्त होगा क्योंकि क्योंकि सुरक्षा बल 16 दिसंबर तक साल 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की करारी हार पर स्वर्ण जयंती समारोह के तहत हो रहे कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे। विवाद सुलझाने के लिए भारत और चीन के बीच बातचीत चल रही है। गतिरोध हल करने के लिए पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अब तक बातचीत के 13 दौर हो चुके हैं।

हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में समाधान की तलाश में दोनों देश
दोनों पक्ष इस समय संघर्ष के बिंदु हॉट स्प्रिंग्स में समाधान की तलाश कर रहे हैं जहां पिछले साल चीनी सेना की आक्रामकता की वजह से हालात गंभीर हुए थे। सूत्रों ने बताया कि संघर्ष के बिंदु रहे पैंगोंग त्सो झील का तट पर और गोगरा हाइट्स पर विवाद सुलझा लिया गया है। लेकिन हॉट स्प्रिंग्स का मुद्दा अभी भी बाकी है। भारत सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार शांति स्थापित करने की मांग कर रहा है।
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चीनी आक्रामकता का भारत ने दिया करारा जवाब
इसके साथ ही भारत ने डीबीओ इलाके और सीएनएन जंक्शन इलाके में समाधान की मांग भी की है। इन इलाकों को विरासत का मुद्दा माना जाता है। विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार चीन की सेना की ओर से शुरुआत में हैरान कर देने के बाद भारत ने सभी इलाकों में चीनी आक्रमकता का मुंहतोड़ जवाब दिया है। दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़पें भी हुई हैं, जिनमें दोनों को ही नुकसान हुआ है।

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