2021 में म्यांमार में मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद से बड़ी संख्या में पड़ोसी देश के नागरिकों ने भारत में शरण ली है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, म्यांमार में पिछले महीने से तेज हुई जंग की वजह से करीब 90,000 लोग विस्थापित हुए हैं।
म्यांमार के जुंटा विरोधी समूहों और सरकारी बलों के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच भारत ने बड़ा फैसला किया है। भारत ने मंगलवार को अपने नागरिकों से पड़ोसी देश की गैर-जरूरी यात्रा से बचने के लिए कहा है। इसके अलावा वहां रहने वाले भारतीयों को यांगून में दूतावास से संपर्क कर अपना पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है।
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दरअसल, 2021 में म्यांमार में मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद से बड़ी संख्या में पड़ोसी देश के नागरिकों ने भारत में शरण ली है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, म्यांमार में पिछले महीने से तेज हुई जंग की वजह से करीब 90,000 लोग विस्थापित हुए हैं।
भारत की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि म्यांमार में उभरती सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर सभी भारतीय नागरिकों को वहां की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। जो लोग पहले से ही म्यांमार में रह रहे हैं, उन्हें सावधानी बरतनी होगी। उन्हें हिंसा प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। भारतीयों को सड़क मार्ग से एक राज्य से दूसरे राज्य की यात्रा करने से भी बचना चाहिए।