भारत और एशियाई विकास बैंक (ADB) ने गुरुवार को 25.10 करोड़ डॉलर के कर्ज के करार पर दस्तखत किए। इस राशि से चेन्नई शहर का बाढ़ से बचाव किया जाएगा। यह करार शहरी बाढ़ प्रबंधन परियोजना के तहत किया गया है।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि भारत सरकार व एडीबी ने आज 25.10 करोड़ डॉलर का करार किया है। इससे चेन्नई-कोसाथालैयर बेसिन में बाढ़ से बचाव के इंतजाम किए जाएंगे। आर्थिक मामलों के मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव रजत कुमार मिश्र व एडीबी इंडिया रेसीडेंट मिशन के कंट्री डायरेक्टर टैकोओ कोनिशी ने हस्ताक्षर किए।
मिश्र ने बताया कि इस करार से चेन्नई-कोसासथलैयर बेसिन के नागरिकों पर बार-बार बाढ़ के पड़ने वाले असर को कम करने में मदद मिलेगी। हाल के वर्षों में इस इलाके में बाढ़ से संपत्ति और आजीविका को भारी नुकसान पहुंचा है। इस इलाके में ऐसा लचीला बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे भारी बारिश, समुद्र के स्तर में बढ़ोतरी और चक्रवात के दौरान तूफानी हवाओं से बचाव में मदद मिलेगी और लोगों की जान, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण की रक्षा में मदद मिलेगी।
एडीबी के कोनिशी ने कहा कि इस परियोजना में बाढ़ से बचाव के बुनियादी ढांचे के विकास के साथ ही चेन्नई को रहने योग्य शहर में परिवर्तित करने की बेहतर योजना के लिए ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन को मजबूत बनाया जाएगा। तेजी से शहरीकरण के कारण शहर के प्राकृतिक संसाधन घट गए हैं। उसकी जल धारण क्षमता घट रही है, जिस शहर पर व्यापक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। यह परियोजना शहरी बाढ़ सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेगी।
ये उपाय किए जाएंगे
588 किलोमीटर लंबी स्टॉर्म वाटर लाइन का निर्माण, 175 किलोमीटर ड्रेनेज का पुनर्वास, जल वहन क्षमता बढ़ाने के लिए अंबातुर, अरियाल्लुर, कडपक्कम और कोरात्तुर में 11 किमी के टुकड़े में सुधार और स्टॉर्म वाटर पंपिंग स्टेशन में सुधार और एक नए स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। भूजल एक्विफर को पुनर्जीवित करने, चार आपदा राहत शिविरों के पुनर्वास, सड़क किनारे 23,000 कैचपिट का निर्माण कर भूजल को रिचार्ज करने के इंतजाम किए जाएंगे।