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NITI Aayog: नीति आयोग की बैठक को लेकर घमासान, केंद्र पर बरसे तमिलनाडु के CM स्टालिन; BJP ने किया पलटवार

Sat, 27 Jul 2024 12:53 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में पीएम मोदी ने नीति आयोग की नौवीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की। नीति आयोग की इस बैठक को लेकर जमकर सियासी बयानबाजी भी हुई। भाजपा शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया जबकि विपक्षी गठबंधन- इंडिया ने इसका बहिष्कार किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीच बैठक से उठकर चली गईं।
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सीएम एमके स्टालिन, पीएम मोदी, सीआर केसवन - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (नीति आयोग) की नौवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। इस बैठक में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कुछ गैर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री ने बजट में भेदभाव का आरोप लगाते हुए बैठक से किनारा किया है। इसे लेकर सियासी हंगामा बढ़ता जा रहा है। वहीं, भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री के लिए 'देश' पहले है, लेकिन विपक्षी गठबंधन इंडिया में शामिल दलों के लिए नफरत सबसे पहले आती है।

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कांग्रेस ने ममता के साथ व्यवहार को बताया अस्वीकार्य, अधीर बोले-झूठीं
नीति आयोग की बैठक से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चले जाने से सियासत फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने ममता के साथ किए व्यवहार को अस्वीकार्य बताया तो भाजपा ने इसे पूर्व नियोजित ड्रामा करार दिया। वहीं, बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर ने ही ममता को झूठीं करार दिया है। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि नीति आयोग 10 साल पहले स्थापित होने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ढोलकिया के रूप में काम कर रहा है, जो बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केंद्रीय बजट में गैर-एनडीए शासित राज्यों के साथ भेदभाव को लेकर कांग्रेस पार्टी के मुख्यमंत्रियों ने बैठक का बहिष्कार किया। उन्होंने कहा कि यह किसी भी प्रकार से सहकारी संघवाद को बढ़ावा नहीं दे रहा।

ममता को राहुल की लोकप्रियता से हो रही जलन
धीर पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन ने ममता बनर्जी के आरोपों को मीडिया का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश बताया। चौधरी ने कहा, नीति आयोग की बैठक के बारे में ममता जो बातें कह रही हैं, मुझे लगता है कि वह झूठ बोल रही हैं। यह बहुत आश्चर्यजनक है कि किसी राज्य के सीएम को बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ममता बनर्जी जानती थीं कि वहां क्या होने वाला है। उनके पास पहले से ही स्क्रिप्ट थी। अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया है कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी की देशभर में लोकप्रियता बढ़ रही है, उससे ममता बनर्जी जलन महसूस कर रही हैं।
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चौधरी और ममता की तल्खी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर हमला बोलते हुए चौधरी ने आरोप लगाया कि बंगाल में अराजक स्थिति बनी हुई है। सांप्रदायिक हिंसा फैलाने की कोशिश की जा रही है। यही नहीं, अघोषित आपातकाल चल रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। हालांकि, तृणमूल की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लेटरहेड पर लिखे पत्र में अधीर ने राष्ट्रपति से कहा कि वह बंगाल की स्थिति को लेकर व्यक्तिगत तौर पर चिंतित हैं। देश के सांविधानिक प्रमुख के रूप में राष्ट्रपति को बंगाल में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए। बंगाल में जो अराजकता चल रही है, वह न शर्मनाक है, बल्कि बेहद चिंताजनक भी है। यह सब विपक्षी दल के समर्थकों और कार्यकर्ताओं पर सत्तारूढ़ दल के क्रूर व्यवहार के कारण है। 

एमके स्टालिन का सरकार पर हमला
तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन भी उन मुख्यमंत्रियों में शामिल हैं, जो नीति आयोग की बैठक में हिस्सा नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा, 'केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया बजट भाजपा का बहिष्कार करने वाले राज्यों और लोगों के प्रति प्रतिशोध की कार्रवाई जैसा प्रतीत होता है। उन्होंने इंडी गठबंधन को वोट देने वालों से बदला लेने के लिए बजट तैयार किया है। केंद्र की भाजपा सरकार लगातार तमिलनाडु की उपेक्षा कर रही है।'



विपक्षी मुख्यमंत्रियों पर भाजपा का पलटवार
बैठक का बहिष्कार करने पर भाजपा नेता सीआर केसवन ने कांग्रेस और विपक्षी मुख्यमंत्रियों पर हमला बोला। उन्होंने कहा, 'अड़ंगा डालने वाला विपक्ष शर्मनाक बहिष्कार के साथ खतरनाक और विभाजनकारी संघवाद में लिप्त है। वे सहकारी संघवाद की मूल भावना को धोखा दे रहे हैं। अच्छाई को खत्म कर रहे हैं और संबंधित राज्यों तथा लोगों को राजनीतिक मोहरे के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश करके उनके हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह न केवल गैर-जिम्मेदाराना या अस्थिर है, विपक्ष का व्यवहार अलोकतांत्रिक है।'

उन्होंने आगे कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुटिल कांग्रेस तथा इंडी गठबंधन के बीच बुनियादी अंतर यह है। प्रधानमंत्री के लिए 'देश' पहले है, लेकिन इंडी गठबंधन के लिए नफरत सबसे पहले आती है। जबकि प्रधानमंत्री मतभेदों को दूर करने और यह सुनिश्चित करने के लिए आम सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि हमारे लोगों की भलाई सुरक्षित रहे। वहीं, विपक्ष व्यवधान और विभाजन की टकरावपूर्ण और नकारात्मक राजनीति खेल रहा है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।'

विपक्ष नीति आयोग का बहिष्कार कर देश को कमजोर करना चाहता: सरमा
नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने पर असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी, संघीय ढांचे से संबंधित किसी भी महत्वपूर्ण बैठक का बहिष्कार नहीं किया गया, क्योंकि हमारे लिए राष्ट्र प्रथम है। विपक्ष नीति आयोग का बहिष्कार कर देश को कमजोर करना चाहता है। 

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कुछ सीएम नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार कर रहे हैं। वो निजी स्वार्थ को आगे रखकर प्रदेश के हित को पीछे रख रहे। बेबुनिआद मुद्दे का हवाला देकर ये लोग बॉयकॉट कर रहे हैं। इंडी गठबंधन नेता को बजट नहीं पढ़ना आता। हमें कुछ नहीं मिला बोलकर लोगों को भ्रमित न करें।

संसदीय लोकतंत्र नेहरू की कल्पना के बगैर नहीं चलेगी: मनोज झा
नीति आयोग की बैठक पर राजद नेता मनोज कुमार झा ने कहा, 'नीति आयोग क्या है? एक शैक्षणिक अभ्यास के लिए पीएम मोदी ने एक बॉडी बना दी। इन्हें योजना आयोग से क्या दिक्कत थी ? सिर्फ इसलिए दिक्कत हुई क्योंकि ये नेहरू के जमाने से था। तो नेहरू के जमाने की तो बहुत सी चीज़े हैं। संसदीय लोकतंत्र नेहरू की कल्पना के बगैर नहीं चलेगी। गणितीय शब्द से सच्चाई नहीं बदलती। हकीकत तब बदलेगी जब आप पहल कदमिया क्या ठोस लेते हैं और वहां मैं नीति आयोग को फेल मानता हूं। तो जाहिर तौर पर आपको रिवाइव करना चाहिए।'

विपक्षी गठबंधन के सीएम नहीं जाएंगे: राउत
नीति आयोग की बैठक पर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा, 'नीति आयोग की बैठक में विपक्षी गठबंधन के सीएम नहीं जाएंगे। ये लगभग तय हो गया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने पहले कहा कि वह नहीं जाएंगे, केजरीवाल साहब जेल में है, तेलंगाना सीएम और भी मुख्यमंत्री हैं जो नहीं जाना चाहते हैं क्योंकि नीति आयोग देश के विकास में समतुल्य नहीं रख रही है, आपने बजट और नीति आयोग के कार्य में ये देखा होगा।'

बैठक का बहिष्कार करना मुख्यमंत्रियों का फैसला: कांग्रेस सांसद
बैठक का बहिष्कार करने पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, 'यह मुख्यमंत्रियों का फैसला है। आयोग बहुत अच्छा काम कर रहा था, लेकिन उन्होंने इसे खत्म कर दिया। वे गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। विशेष रूप से बजट ने मुख्यमंत्रियों को नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने पर मजबूर कर दिया। बजट उन लोगों के खिलाफ है, जिन्होंने भाजपा के खिलाफ वोट दिया। इस तरह का अहंकार जल्द परास्त हो जाएगा।'

राज्यों के अधिकारों की रक्षा करता नीति आयोग: केसी त्यागी
जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा, 'यह वह संगठन है जो केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच फंड आवंटन की समस्या को हल करता है। यह राज्यों के अधिकारों की रक्षा करता है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार किया है जो उनके राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।'

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