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महिला विकास : स्वास्थ्य-शिक्षा सुधरी तो कॉरपोरेट की सीढ़ियां चढ़ने का आया जज्बा

Sun, 15 Aug 2021 08:38 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • 2012 में  9 प्रतिशत ही महिलाएं कॉरपोरेट बोर्ड का थीं हिस्सा
  • 2020 में 17 प्रतिशत सदस्य महिलाएं हैं कॉरपोरेट बोर्ड में, एशिया के औसत से अधिक
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विस्तार
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100 वर्ष पहले, 1921 में 13 साल की औसत उम्र में ब्याह दी जाने वाली लड़कियों ने आगे बढ़ने के लिए कई मुश्किल बाधाएं पार की हैं। आज वे भारत की 17 प्रतिशत कॉरपाेरेट बोर्ड सदस्य हैं।

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स्कूली शिक्षा में हुईं आगे

  • 1951 में 22 लड़कियां कक्षा 5 में हर 100 लड़कों पर
  • वर्तमान में 102 लड़कियां कक्षा 5 में हर 100 लड़कों पर

उच्च शिक्षा में बढ़ा प्रभाव
2017 की एनएसएसओ रिपोर्ट के अनुसार, 13.8 प्रतिशत लड़कियां मेडिकल, 28.2 प्रतिशत इंजीनियरिंग, 7.4 प्रतिशत मैनेजमेंट और 2.2 प्रतिशत लड़कियां चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई कर रही हैं।

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कॉरपोरेट में बनाई जगह

  • 2012 में  9 प्रतिशत ही महिलाएं कॉरपोरेट बोर्ड का हिस्सा थीं
  • 2020 में 17 प्रतिशत सदस्य महिलाएं हैं कॉरपोरेट बोर्ड में, एशिया के औसत से अधिक

शादी की औसत उम्र बढ़ाई

  • 1951 में 15.4 वर्ष औसत उम्र थी भारतीय लड़की की शादी के लिए।
  • 2020 में 22.3 वर्ष तक पहुंची

प्रबंधन में औसत से अधिक

  • महिलाएं वरिष्ठ प्रबंधकीय पदों पर हैं, वैश्विक औसत
  • महिलाएं भारत में इन पदों पर पहुंची हैं मार्च 2021 में जारी रिपोर्ट के अनुसार।
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