नासिक के एक रियल्टर के यहां छापेमारी में आयकर विभाग को लगभग 100 करोड़ रुपये की काली कमाई का पता चला है। विभाग ने 23 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी भी जब्त की है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में बिहार के भागलपुर की पूर्व एडीएम की संपत्तियों को कुर्क किया है।
आयकर विभाग ने नासिक के एक रियल्टर के यहां छापेमारी में 23.45 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं और 100 करोड़ रुपये की काली आय का पता लगाया है। यह जानकारी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सोमवार को दी। ये छापेमारी 21 अक्तूबर को की गई थी।
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सीबीडीटी ने एक बयान में कहा, 'उन मुख्य व्यक्तियों की भी तलाशी ली गई है, जिन्होंने अपनी बेहिसाब आय को जमीन के बड़े हिस्से की खरीद करने के लिए निवेश किया था।' बयान में कहा गया कि इस तलाशी के दौरान पाए गए कई बैंक लॉकरों में ताला लगा दिया गया है।
बयान में कहा गया कि इनमें से अधिकांश व्यक्ति महाराष्ट्र के पिंपलगांव बसवंत क्षेत्र में प्याज और अन्य नकदी फसलों के थोक व्यापार में लगे हुए हैं। सीबीडीटी ने दावा किया कि संपत्तियों में निवेश के लिए इन व्यापारियों के खिलाफ कई आपत्तिजनक सबूत जब्त किए गए हैं।
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ईडी: भागलपुर के पूर्व एडीएम की 6.84 करोड़ की संपत्ति कुर्क
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिहार के भागलपुर जिले की पूर्व एडीएम के खिलाफ कार्रवाई की है। ईडी ने एडीएम और उनके परिवार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के कथित मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में 6.84 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की है।
ईडी का यह मामला बिहार पुलिस की ओर से साल 2013 में दर्ज की गई प्राथमिकी पर आधारित है। इसके अनुसार पूर्व एडीएम जयश्री ठाकुर और उनके परिवार ने आपराधिक और अवैध रास्तों के जरिए लगभग 13 करोड़ 98 लाख 38 हजार 213 रुपये की संपत्ति जुटाई थी।