फील्ड टेस्ट किट से पानी की जांच
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स्कूल और आंगनबाड़ी में पेयजल की व्यवस्था
जल जीवन मिशन के द्वारा 91.98 फीसदी स्कूलों एवं लगभग 90.54 फीसदी आंगनबाड़ी केन्द्रों को टैप वॉटर सप्लाई से जोड़ा जा चुका है।
बुंदेलखंड में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की बड़ी पहल
बुंदेलखंड में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए हर गांव से 5 महिलाओं को जल जांच का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां पर अब तक 4455 से अधिक महिलाओं को एफटीके से पानी जांच की ट्रेनिंग दी गई है, एफटीके पानी की जांच के लिए एक तरह की किट है। इस किट के जरिए पानी में मौजूद अर्सेनिक, हानिकारक बैक्टीरिया, रासायनिक अशुद्धियां, एलिमेंट, पार्टिकल्स आदि का पता लगाया जाता है। फील्ड टेस्ट किट से पानी की शुद्धता की जांच आसानी से की जा सकती है। इस किट के जरिए पानी में क्लोराइड, टोटल हार्डनेस, आइरन, नाइट्रेट, फ्लोराइड, रेसीडियुल क्लोरीन, पीएचए टरबिडिटी, अलकलनिटी, हाइड्रोजन सल्फाइड और आर्सेनिक जैसे अन्य पदार्थों के मिले होने की जांच होती है।
एफटीके किट से हो रही पानी की जांच
- एफटीके पानी की जांच के लिए बनाई गई किट है।
- इस किट के जरिए पानी में मौजूद अर्सेनिक, हानिकारक बैक्टीरिया, रासायनिक अशुद्धियां, एलिमेंट पार्टिकल्स आदि का पता लगाया जाता है।
- एफटीके किट से की जाने वाली जांचें- क्लोराइड, टोटल हार्डनेस, आयरन, नाइट्रेट, फ्लोराइड, रेस डियुल क्लोरीन, पीएचए टर्बिडिटी, अल्कलिनिटी, हाइड्रोजन सल्फाइड और आर्सेनिक।
महिलाओं द्वारा किया जा रहा जल का परीक्षण
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जल जीवन मिशन योजना से महिलाओं को राहत
- घर-घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचने से महिलाओं को पहुंच रही बड़ी राहत
- अब महिलाएं घर का कामकाज करने के साथ बच्चों की पढ़ाई में भी दे रही हैं समय
- मीलों दूर से पानी भरकर लाने की समस्या का हुआ समाधान
- अब गांव-गांव में हर घर में पहुंच रहा नल से स्वच्छ पेयजल
पहली बार बीमारियों से लड़ाई में महिलाओं की बड़ी सहभागिता
पानी जांच करने की ट्रेनिंग मिलने से अब महिलाएं अपना बहुत बड़ा योगदान बीमारियों से लोगों को बचाने में कर रही हैं। शुद्ध पानी से दांतों की उम्र बढ़ेगी, त्वचा रोगों से भी छुटकारा मिलेगा। इसके इलावा उल्टी-दस्त, हैजा, टाइफाइड, मलेरिया, डेंगू, दांत, हड्डी, किडनी, लीवर व पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों का खतरा टल जाएगा।