प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जल शक्ति मंत्रालय के तहत चलाए जा रहे जल जीवन मिशन की दो साल की उपलब्धियों पर अपनी मोहर लगाई। पीएम ने कहा कि, देश आज 'हर घर जल मिशन' पर तेजी से काम कर रहा है और मुझे खुशी है कि जल जीवन मिशन के सिर्फ दो साल के भीतर 4.5 करोड़ से अधिक परिवारों को नल से जल मिलना शुरू हो गया है।
दो साल पहले ही 15 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किला पर अपने संबोधन के दौरान ही जल जीवन मिशन की घोषणा की थी। इसके तहत वर्ष 2024 तक देश के सभी ग्रामीण घरों में नल से नियमित, पर्याप्त व शुद्ध जल की आपूर्ति करने का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया था। प्रधानमंत्री की घोषणा के मद्देनजर 25 दिसंबर, 2019 को इस मिशन का शुभारंभ हुआ लेकिन तभी कोरोना महामारी के मद्देनजर 25 मार्च, 2020 को लॉकडाउन की घोषणा हो गई। ऐसे में जल जीवन मिशन की सफलता को लेकर तरह—तरह की आशंकाएं जताई जाने लगीं। इसके बावजूद यह अभियान तेजी से आगे बढ़ता रहा।
जल जीवन मिशन की घोषणा किए जाने के समय देश के महज 3.23 (17 फीसदी) करोड़ ग्रामीण परिवारों को ही नलों से पेयजल पहुंचाया जा रहा था, लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा इस मिशन की घोषणा के दो साल के भीतर अब देश के देश के कुल 19.19 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 7.96 करोड़ (41.48 फीसदी) परिवारों को नलों से नियमित, पर्याप्त व शुद्ध जल मिलने लगा है। दो साल के भीतर 4 करोड़ 73 लाख नए घरों में नल से पानी पहुंचा दिया गया है। जल जीवन मिशन के माध्यम से देश के सुदूर गांवों के लगभग आठ करोड़ परिवारों से ताल्लुक रखने वाली करोड़ों महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है और उन्हें अब घरेलू उपयोग के लिए पानी के लिए ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ता है।
जल जीवन मिशन की सफलता को लेकर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन से तमाम चुनौतियों के बावजूद जल जीवन मिशन के तहत देश के 41.48 फीसद ग्रामीण घरों में नलों से जल पहुंचाने की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हो गई है। शेष बचे 58.52 फीसद घरों में भी जल्दी ही नलों से जल पहुंचने लगेगा।
जलशक्ति मंत्रालय के अनुसार देश के पांच राज्यों-केन्द्र शासित प्रदेशों गोवा, तेलंगाना, अंडमान निकोबार आईलैंड, पुडुचेरी तथा दादरा नगर हवेली व दमन दीव में शत प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंचा दिया गया है। अगले वर्ष तक हरियाणा, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश सहित नौ राज्य व केंद्र शासित प्रदेश हर घर जल की उपलब्धि हासिल करने के लक्ष्य की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं।
गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा वर्षा जल संचयन के लिए चलाए जा रहे अभियान, 'कैच द रेन— व्हेन इट फाल्स, व्हेयर इट फाल्स' की भी तारीफ की। इस अभियान की शुरुआत बीते 22 मार्च को विश्व जल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने की थी।
उन्होंने कहा कि देश ने जल संरक्षण का अभियान शुरू किया है, तो हमारा कर्तव्य है कि पानी बचाने को अपनी आदत से जोड़ना। हमें अब योजनाओं के सेचुरेशन लक्ष्य को लेकर काम करना है और इसके लिए हमें समय—सीमा बहुत दूर नहीं रखनी है। हमें कुछ ही वर्षों में संकल्पों को साकार करना है।