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बुल्ली बाई विवाद: खड़गे बोले- यह अल्पसंख्यकों के अमानवीयकरण का नतीजा, भाजपा नेतृत्व इससे बाज नहीं आ रहा

Mon, 03 Jan 2022 04:10 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

खड़गे ने कहा, "मैं मुस्लिम महिलाओं के साथ हो रहे इस घिनौने उत्पीड़न की कड़ी निंदा करता हूं। आखिर क्यों महिलाओं के उत्पीड़न की ऐसी ही पिछली कुछ घटनाओं को नजरअंदाज किया गया?"
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कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुल्ली बाई एप विवाद को लेकर बयान दिया। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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एक एप के जरिए मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाने को लेकर मचे बवाल के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को भाजपा को आड़े हाथों लिया। कम से कम सौ प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें बुल्ली बाई एप पर नीलामी के लिए अपलोड किए जाने को लेकर खड़गे ने कहा कि यह भाजपा नेतृत्व की ओर से अल्पसंख्यकों के बार-बार किए जा रहे अमानवीयकरण का नतीजा है। 
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उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पूरे मामले में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ सरकार कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी। खड़गे ने कहा, "मैं मुस्लिम महिलाओं के साथ हो रहे इस घिनौने उत्पीड़न की कड़ी निंदा करता हूं। आखिर क्यों महिलाओं के उत्पीड़न की ऐसी ही पिछली कुछ घटनाओं को नजरअंदाज किया गया?"

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर कई नामी हस्तियों द्वारा इसकी शिकायत करने पर आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि एप के होस्टिंग प्लेटफॉर्म गिटहब ने उपयोगकर्ता को ब्लॉक करने की पुष्टि की थी और भारतीय कम्प्यूटर आपदा प्रतिक्रिया दल (CERT) और पुलिस अधिकारी आगे की कार्रवाई के लिए सहयोग कर रहे हैं।
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शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कार्रवाई की मांग की
शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शनिवार को मुंबई पुलिस और वैष्णव दोनों को बुल्लीबाई एप के बारे में आगाह किया और कार्रवाई की मांग की। इसके बाद वैष्णव ने शनिवार देर रात ट्वीट किया, ‘‘गिटहब ने आज सुबह उपयोगकर्ता को ब्लॉक करने की पुष्टि की। सीईआरटी और पुलिस अधिकारी आगे की कार्रवाई के लिए समन्वय कर रहे हैं।" गौरतलब है कि सीईआरटी साइबर सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए नोडल एजेंसी है। मंत्री ने हालांकि इस बात की जानकारी नहीं दी कि क्या कार्रवाई की जा रही है। 

शनिवार को चतुर्वेदी ने ट्वीट में कहा था, ‘‘मैंने  मुंबई पुलिस आयुक्त और पुलिस उपायुक्त (अपराध) रश्मि करांदिकर जी से बात की है। वे इसकी जांच करेंगे। (मैंने) महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से भी हस्तक्षेप करने के लिए बात की है। उम्मीद है कि इस तरह की गलत साइट के पीछे जो लोग हैं उन्हें पकड़ा जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री माननीय अश्विनी वैष्णव जी से उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का कई बार आग्रह किया जो सुल्लीडील्स जैसे प्लेटफार्म के जरिये महिलाओं को निशाना बना रहे हैं। शर्म की बात है कि इसे नजरअंदाज किया जा रहा है।’’

बुल्ली बाई एप सुल्ली डील्स की तरह
गौरतलब है कि बुल्ली बाई एप के काम करने का तरीका बिल्कुल सुल्ली डील्स की तरह ही है। एप को खोलने पर एक मुस्लिम महिला की तस्वीर बुली बाई के तौर पर सामने आती है। ट्विटर पर अधिक फॉलोवर वाली मुस्लिम महिलाएं जिनमें पत्रकार भी शामिल है, उन्हें चुन कर उनकी तस्वीरें अपलोड की गई हैं। पिछले साल सुल्ली डील्स में मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों के दुरुपयोग के मामले में दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस ने दो प्राथमिकियां दर्ज की थीं। लेकिन अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ‘बुल्ली बाई’ की ही तरह ‘सुल्ली डील्स’ को भी गिटहब प्लेटफार्म पर पेश किया गया था।
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