मंगलवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और संघ प्रमुख मोहन भागवत ने वीर सावरकर पर लिखी पुस्तक का विमोचन किया।
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राष्ट्रवादी नेता और क्रांतिकारी वीर सावरकर को लेकर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की ओर से किए गए दावों को लेकर देशभर में बहस छिड़ गई है। कांग्रेस समेत कई दलों के नेता राजनाथ सिंह के बयान को गलत बता रहे, वहीं अब एक इतिहासकार ने इसको लेकर बड़ा खुलासा किया है। सावरकर की जीवनी लिखने वाले इतिहासकार डॉ. विक्रम संपत ने अपनी पुस्तक का हवाला देते हुए कई दावे पेश किए हैं।
पुस्तक में क्या है?
डॉ. संपत ने अपनी किताब 'सावरकर' में लिखा है, '1920 में जब सावरकर जेल में बंद थे, तब गांधी जी ने उन्हें दया याचिका दायर करने की सलाह दी थी। यही नहीं, दया याचिका के लिए केस भी खुद गांधी जी ने तैयार किया था।' संपत ने किताब में आगे लिखा है कि गांधी जी ने 26 मई 1920 को यंग इंडिया में 'सावरकर बंधु' नाम से लेख प्रकाशित किया था। इसी में सावरकर के केस के लिए मुद्दे लिखे थे।
राजनाथ सिंह ने क्या कहा था?
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को वीर सावरकर के जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। इसमें कहा था कि वीर सावरकर को लेकर कई तरह के झूठ फैलाए गए। कहा गया कि उन्होंने अंग्रेजों के सामने कई बार दया याचिका दायर की थी, जबकि हकीकत ये है कि वीर सावरकर ने गांधी जी के कहने पर सबकुछ किया था। रक्षामंत्री ने आगे कहा, 'वीर सावरकर बड़े स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने हमेशा से देश और राष्ट्र के लिए काम किया। लेकिन कम्यूनिस्ट और फासीवादी विचारधारा के इतिहासकारों ने उन्हें बदनाम करने की हर संभव कोशिश की। सावरकर के प्रति देश में नफरत फैलायी।'