उत्तर प्रदेश के खाद्य आपूर्ति विभाग ने हर जिले से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। गौरतलब है कि केंद्र ने देशभर में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना लागू कर दी है। इसका मतलब यह है कि अब किसी भी राज्य का राशन कार्ड होने के बावजूद आप जहां रह रहे हैं, वहां से राशन ले सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति तीन महीने तक राशन नहीं ले रहा है, तो इसके मतलब यह है कि वह अपना पेट भरने में सक्षम हैं। ऐसे में इन लोगों के राशन कार्ड रद्द करके वही लाभ किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दिया जा सकता है।
खाद्य सुरक्षा के दायरे में आए ये लोग
सेक्स वर्कर्स के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद राज्यों ने उनके लिए राशन कार्ड मुहैया कराने की पहल कर दी है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार, कुछ राज्यों ने गंभीर रोगों से ग्रस्त लोगों का भी राशन कार्ड बनाने का निर्णय लिया है। साथ ही कुछ राज्य सरकारें गरीब तबके के कैंसर, कुष्ठ और एड्स रोगियों को भी मुफ्त में राशन देंगी।
केंद्र सरकार की योजना है कि 31 मार्च, 2021 तक पूरे देश को 'वन वेशन वन राशन कार्ड' योजना के सूत्र में पिरो दिया जाए। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आने वाले सभी 81 करोड़ लाभार्थियों को इसका लाभ आसानी से मिल सकेगा। देश के 28 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी सुविधा शुरू की गई है।