भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव को चक्रवात में बदलने की अटकलों को खारिज कर दिया। हालांकि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र के गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने से ओडिशा में कई स्थानों पर भारी बारिश हुई। भारी बारिश की वजह से यहां कई जगह से दीवार गिरने की भी खबरें आईं। ऐसी ही एक घटना में दो लड़कियों समेत चार की मौत हो गई।
आईएमडी ने एक बुलेटिन में कहा कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और उससे सटे उत्तर-पूर्व में गहरा दबाव पिछले छह घंटों के दौरान 14 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा और शाम 5.30 बजे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर केंद्रित था। इससे पहले, अमेरिका के संयुक्त तूफान चेतावनी केंद्र (जेटीडब्ल्यूसी) द्वारा गुरुवार को चक्रवात की संभावना व्यक्त किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की जानकारियां साझा की जाने लगी थीं।
चक्रवात का अनुमान नहीं: महापात्रा
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि ‘‘इस बार चक्रवात का अनुमान नहीं है। हमने कभी नहीं कहा कि मौसम संबंधी यह घटनाक्रम चक्रवात का रूप ले लेगा।’’ उन्होंने कहा कि गहरे दबाव के क्षेत्र के कारण समुद्री तट के पास 60 से 65 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है जिसके आगे बढ़ने पर कमजोर पड़ने की संभावना है।
अगले 24 घंटे में कमजोर पड़ जाएगा गहरा दबाव
आईएमडी की बुलेटिन में कहा गया है कि गहरे दबाव का पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ना जारी है, शुक्रवार को शाम सात बजे से रात आठ बजे तक मौसम प्रणाली ने पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर ओडिशा के बालासोर और सागर द्वीप समूह के बीच दीघा के करीब तट को पार कर लिया है। यह अगले 24 घंटे के दौरान पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और झारखंड से उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ना जारी रखेगा और धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाएगा।
आज ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में बारिश की संभावना
इसके प्रभाव से, तटीय क्षेत्रों में 55-65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से और ओडिशा के आंतरिक जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकों के साथ सतही हवाएं चलने की उम्मीद है। ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पीके जेना ने संवाददाताओं से कहा कि गहरे दबाव के क्षेत्र ने दस्तक दे दी है और इसके प्रभाव से राज्य के उत्तरी जिलों में शनिवार सुबह तक भारी बारिश होगी। उन्होंने कहा कि ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के अंदरूनी हिस्सों में भी शनिवार को बारिश होने की संभावना है।
पीके जेना ने संवाददाताओं से कहा कि आईएमडी ने चक्रवात के कोई संकेत नहीं दिए हैं। जेना ने कहा कि ‘‘हमारे विशेषज्ञों ने आईएमडी और जेटीडब्ल्यूसी दोनों के मॉडल का अध्ययन किया है। दोनों लगभग एक जैसे मौसम संबंधी घटनाक्रम का संकेत देते हैं। जेटीडब्ल्यूसी ने कहीं ऐसा नहीं कहा है कि यह चक्रवात का रूप ले लेगा।’’
12 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी
आईएमडी ने शनिवार सुबह 8.30 बजे तक क्योंझर, भद्रक, बालासोर और मयूरभंज जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आईएमडी ने इस अवधि के दौरान केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, ढेंकनाल, अंगुल, देवगढ़, सुंदरगढ़, संबलपुर, सोनपुर, बौध, बलांगीर और जाजपुर जैसे जिलों में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।
ओडिशा में भारी बारिश के बीच कई तटीय जिलों में ‘हाई अलर्ट’
ओडिशा सरकार ने कम दबाव वाले क्षेत्र के, दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील होने के कारण राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश होने के मद्देनजर शुक्रवार को तटीय जिलों के लिए ‘हाई अलर्ट’ जारी किया।पीके जेना ने बताया कि महानदी बेसिन क्षेत्र में फिर बारिश होने से पहले ही बाढ़ की मार झेल रहे क्षेत्रों में स्थिति और खराब हो गई है। राज्य सरकार ने जिला प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को मदद मुहैया कराने को कहा है।
राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दबाव क्षेत्र के चलते भारी बारिश के कारण जगतसिंहपुर तथा रायगढ़ जिलों और उत्तरी क्षेत्र के सुवर्णरेखा बेसिन के कुछ इलाकों में बाढ़ आ गई है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, जगतसिंहपुर जिले में गुरुवार को रात भर में 107 मिमी बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण नदियों में पानी बढ़ सकता है। संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में बाढ़ आने, मिट्टी धंसने और भूस्खलन होने की आशंका है, जिससे कुछ अतिसंवेदनशील सड़कों और मकानों को नुकसान पहुंच सकता है। राज्य में आई बाढ़ से अभी तक 13 जिलों में पांच लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। गुरुवार तक 90,000 लोगों को 190 राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है।