गुप्ता को एजेंसी ने 10 सितंबर को कथित धनशोधन के आरोप में गिरफ्तार किया था और एक विशेष अदालत ने उसे 22 सितंबर, 2023 तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था।
ईडी ने मेट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और उसके सहयोगियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश सहित गंभीर अपराधों का आरोप लगाते हुए बिधाननगर पुलिस द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी।
ईडी के एक बयान में कहा गया है कि जांच के दौरान कोलकाता के साल्ट लेक में कंपनी द्वारा संचालित एक अवैध कॉल सेंटर का पता चला, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धोखाधड़ी की गतिविधियों में लिप्त था और पुलिस ने उसे सील कर दिया। निदेशालय की जांच से पता चला है कि कंपनी ने अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में भोले-भाले निवासियों को निशाना बनाया।
एजेंसी ने कहा, 'खुद को वैध व्यवसायों का प्रतिनिधि बताकर उन्होंने फर्जी तकनीकी सहायता पेशकशों, भ्रामक वेबसाइट्स की बिक्री और नकली मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से फर्जी ऋण प्रस्तावों के जरिए लोगों को धोखा दिया, जिससे पीड़ितों को पर्याप्त भुगतान करने के लिए मजबूर होना पड़ा।'
ईडी ने कहा, 'गुप्ता पर अवैध सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुआ गतिविधियों में शामिल होने का भी संदेह है।' जांच एजेंसी ने यह भी पाया कि उसने ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में कंपनियां स्थापित कीं। बयान में कहा गया है, 'यह भी पता चला है कि ब्रिटेन के दूरसंचार नियामक ऑफकॉम ने उनकी ब्रिटेन स्थित दो कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया है, जो बिना सहमति के उपभोक्ता के टेलीफोन सेवा प्रदाता को बदलने का अवैध अभ्यास है।