दरअसल कहा यह भी जा रहा है कि राहुल गांधी अमेठी में जिस गर्मजोशी से पहले लोगों से मुलाकात करते थे, इस बार भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान वह नहीं दिखा। राहुल गांधी अपनी पुरानी यात्राओं में स्थानीय लोगों से अपने वाहन से उतरकर मिलते थे, बल्कि घर परिवार और बच्चों से भी मुलाकात करते थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस दौरान राहुल गांधी की ओर से उतनी गर्मजोशी अमेठी में नहीं दिखी। स्थानीय पत्रकार पीके शुक्ल कहते हैं कि राहुल गांधी ने अमेठी में रात्रि विश्राम कर यह संदेश दिया है कि उनका और उनके परिवार का नाता अमेठी रायबरेली से उतना ही मजबूत है जितना कि पहले था। अब यह बात अलग है कि राहुल गांधी ही अमेठी से दोबारा चुनाव लड़ेंगे या नहीं। लेकिन अमेठी में राहुल गांधी को लेकर लोगों में एक अलग तरह का उत्साह तो देखा ही गया है।
राहुल गांधी की यात्रा के दौरान चर्चा इस बात की भी रही कि सोनिया गांधी की जगह पर रायबरेली से कांग्रेस का प्रत्याशी कौन होगा? उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व पदाधिकारी और पूर्व विधायक रहे एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि सोनिया गांधी की चिट्ठी के बाद स्पष्ट हो गया है कि प्रियंका गांधी कांग्रेस से प्रत्याशी हो सकती हैं। हालांकि आखिरी फैसला टिकट घोषित होने के साथ ही होगा। वह कहते हैं कि कांग्रेस के लिए रायबरेली और अमेठी महज दो सीट ही नहीं है, बल्कि कांग्रेस के नजरिए से पूरे प्रदेश की सियासत को संदेश देने के बड़े समीकरण वाले महत्वपूर्ण केंद्र भी हैं। ऐसे में अगर कांग्रेस इन सीटों पर मजबूत संदेश देने वाले प्रत्याशी नहीं उतारेगी, तो आने वाले लोकसभा चुनाव में सियासी संदेश के लिए एक बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।