दिवाली-छठ का त्योहार नजदीक आते ही बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की तरफ लौट रहे हैं। ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इस बीच रेलवे ने स्टेशन से लेकर ट्रेनों में सख्ती और चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। रेलवे ने ट्रेन में पटाखे ले जाने पर सख्त पाबंदी लगा रखी है।
रेलवे के नियमों के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में पटाखे और फुलझड़ियां जैसी ज्वलनशील वस्तुओं को ले जाने पर सख्त पाबंदी है। यात्री किसी भी तरह के पटाखों को ट्रेन में नहीं ले जा सकते। यात्रा के दौरान अगर कोई यात्री पटाखों के साथ सफर करते पकड़ा जाता है तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। उस यात्री को रेलवे एक्ट की धारा 164 के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसके तहत 1,000 रुपये का जुर्माना या तीन साल तक की सजा, या दोनों हो सकते हैं।
दरअसल, पटाखों में उच्च मात्रा में विस्फोटक सामग्री होती है, जो किसी भी अप्रिय घटना का कारण बन सकती है। ऐसे ट्रेन में यात्रा करते समय, कोई भी आग या धमाका यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। यहां तक कि एक छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। इसलिए रेलवे द्वारा यह नियम बनाया गया है ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद हो सके।
भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, ट्रेन में पटाखों को ले जाना प्रतिबंधित है। पटाखों को एक विस्फोटक सामग्री माना जाता है, और इन्हें ट्रेनों में ले जाना न केवल अवैध है, बल्कि यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। रेलवे सुरक्षा बल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे सामान की जांच करता है।
ट्रेन में ये वस्तुएं भी हैं प्रतिबंधित
रेल यात्रा के दौरान स्टोव, गैस सिलेंडर, किसी तरह का ज्वलनशील केमिकल, पटाखे, तेजाब, बदबूदार वस्तुएं, चमड़ा या गीली खाल, पैकेजों में लाए जाने तेल, ग्रीस, ऐसी वस्तुएं जिनके टूटने या टपकने से वस्तुओं या यात्रियों को क्षति पहुंच सकती है, साथ ले जाने की मनाही है। रेलवे के नियमों के अनुसार 20 किलोग्राम तक घी यात्री रेल में ले जा सकते हैं, लेकिन घी टीन के डिब्बे में अच्छी तरह से पैक होना चाहिए।