पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित आरजी कर चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में करीब दो महीने पहले दुष्कर्म और हत्या की शिकार प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के पिता ने मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मुलाकात का अनुरोध किया है। महिला चिकित्सक के पिता ने कहा कि वह इस समय मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं और असहाय महसूस कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को भेजे ई-मेल में कहा कि वह अमित शाह से मिलकर मार्गदर्शन और मदद चाहते हैं।
'हम भयंकर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं'
मृतका के पिता ने मेल में लिखा कि, मैं अभया (काल्पनिक नाम) का पिता हूं और आपको इस पत्र के माध्यम से विनम्र अनुरोध के साथ लिख रहा हूं कि आपकी सुविधा के अनुसार या आपके द्वारा सुझाए गए किसी स्थान पर मुलाकात का समय दिया जाए। हमारी बेटी के साथ घटी उस जघन्य अप्रत्याशित घटना के बाद से हम भयंकर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं । अपने आप को असहाय महसूस कर रहा हूं।
उन्होंने कहा, मैं अपनी पत्नी के साथ मुलाकात कर इस मामले से जुड़े कुछ पहलुओं पर चर्चा करना चाहता हूं और आपसे मार्गदर्शन और मदद के लिए प्रार्थना करना चाहता हूं। मैं आपसे बात करने और इस मुद्दे पर आपकी अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के अवसर के लिए वास्तव में आभारी रहूंगा, क्योंकि मेरा मानना है कि आपकाअनुभव और मार्गदर्शन मेरे लिए अमूल्य होगा।
चिकित्सक के पिता ने लिखा कि, कृपया मुझे बताएं कि आप कब और कहां हमारे लिए कुछ मिनट निकाल सकते हैं। मैं आपके समय और इस अनुरोध पर विचार करने के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूं और आपकी अनुकूल प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा हूं... मैं आपसे मिलने के अवसर की प्रतीक्षा कर रहा हूं।
पीड़िता की मां ने लगाई गुहार
वहीं इस मामले पर पीड़िता की मां ने कहा कि, उन्हें पूरा विश्वास है कि जब वह व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन और न्याय का अनुरोध करेंगी तो केंद्रीय गृहमंत्री से उन्हें मिलने का समय मिल जाएगा। मुझे आशा है कि अमित शाह जी हमें समय देंगे। मैं उन्हें उस मानसिक पीड़ा के बारे में बताऊंगी जो हम अपनी बेटी को अबतक न्याय नहीं मिलने की वजह से महसूस कर रहे हैं।
आर.जी.कर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात महिला प्रशिक्षु चिकित्सक का शव नौ अगस्त को सेमिनार अर्द्धनग्न अवस्था में मिला था। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे पश्चिम बंगाल बड़ा आंदोलन देखने को मिला था। वहीं इस मामले इस पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है।