मुख्यमंत्री ने दावा किया कि देश में गायों के आधार पर सांप्रदायिक झड़पें हो रही हैं, जिस तरह का भोजन खाया जाना चाहिए और नागरिकों के एक समूह को राष्ट्र के दुश्मन के रूप में चित्रित किया जा रहा है। उन्होंने दलील दी कि हर कोई, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या पंथ का हो, कानून के समान संरक्षण का हकदार है, लेकिन देश में इसे बदला जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने उत्तरी केरल के इस जिले में एक कार्यक्रम में कहा कि इन सबने अल्पसंख्यक समुदायों के बीच भय और आशंका पैदा कर दी है। उन्होंने कहा, 'अगर भाजपा तीसरी बार सत्ता में आती है तो देश को ऐसे खतरे का सामना करना पड़ेगा जिससे पार नहीं पाया जा सकेगा और उसके बाद खेद जताने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।'
उन्होंने कहा, 'देश ने इस तथ्य को महसूस किया है और जनता की राय है कि इस खतरे से बचना होगा। इसलिए, भाजपा को हराने और यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से धर्मनिरपेक्ष विचारधारा वाले समूहों और लोगों का एक एकीकृत मोर्चा बनाया गया है कि यह तीसरी बार सत्ता में न लौटे।' उन्होंने कहा कि भाजपा को भी एहसास हो गया है कि तीसरा कार्यकाल संभव नहीं हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा, 'इस अहसास ने उन्हें कुछ खतरनाक कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है जैसा कि हाल की कुछ घटनाओं से संकेत मिलता है।'
विजयन ने कहा कि देश में विपक्ष शासित चार राज्यों में विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों द्वारा हाल ही में की गई छापेमारी दिखाती है कि भाजपा बदलती परिस्थितियों का कैसे जवाब देने जा रही है। उन्होंने कहा, 'उनसे इस तरह के और कदमों की उम्मीद की ही जा सकती है, लेकिन यह लोगों के दिमाग को बदलने या प्रभावित करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। भाजपा को हराने के लिए एकीकृत मोर्चा मजबूत है और इसे और मजबूत करने की जरूरत है।'