भाजपा नेता किरीट सोमैया ने बुधवार को कहा कि उन्होंने साबित कर दिया है कि पार्टी में एक साधारण कार्यकर्ता का वजन उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पार्टी के राज्य प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले से ज्याादा होना चाहिए। एक दिन पहले सोमैया ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की ओर से सौंपी जा रही जिम्मेदारी लेने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं और किसी भी पद का लालच नहीं रखते हैं।
सोमैया ने मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए संचार प्रमुख के पद की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस पद की जिम्मेदारी पर विचार किए बिना उन्हें यह पद सौंपा गया, जो अपमानजनक है। उन्होंने पार्टी के राज्य चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष राव साहेब दानवे को पत्र लिखकर इस व्यवहार पर अपनी आपत्ति जताई।
एक क्षेत्रीय समाचार चैनल से बातचीत में सोमैया ने कहा, मैं किसी भी पद का लालच नहीं रखता हूं। बावनकुले और फडणवीस जानते हैं कि मैंने पार्टी के लिए कैसे काम किया है। मैंने एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में काम किया है। मैंने साबित किया है कि पार्टी में एक साधारण कार्यकर्ता का वजन फडणवीस और बावनकुले से ज्यादा होना चाहिए।
उन्होंने 2019 के विधानसभा चुनावों के दौरान शिवसेना और भाजपा की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की एक घटना को याद किया। उन्होंने कहा, प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले उद्धव ठाकरे ने अमित शाह को बताया कि अगर मैं वहां रहूंगा तो वे उसमें शामिल नहीं होंगे। इसके बाद फडणवीस ने मुझसे कहा कि मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले ही बाहर चला जाऊं। उस दिन से मैंने एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता के रूप में काम किया। लेकिन मेरी मेहनत दोगुनी हो गई। उन्होंने कहा, अगर मैं अपनी पार्टी के लिए इतना काम कर रहा हूं, तो मुझे किसी समिति में पद जैसी अतिरिक्त चीजों की जरूरत नहीं है। मेरी पार्टी ने इसे मान लिया है।
सोमैया के पार्टी की जिम्मेदारी स्वीकार करने से इनकार करने पर बावनकुल ने मंगलवार को पूर्व सांसद को एक 'वरिष्ठ नेता' बताया। उन्होंने कहा, भाजपा में यह नियम है कि हम किसी से पूछते नहीं हैं। हम जिम्मेदारी सौंपते हैं। पार्टी ने मुझसे भी नहीं पूछा कि मैं राज्य प्रमुख बनना चाहता हूं या नहीं। मुझे सीधे राज्य प्रमुख बना दिया गया।