राजनीतिक विश्लेषक सदाकांत पुंडीर कहते हैं कि विपक्षी दलों के बीच में जिस तरह दस दिन का टाइम फ्रेम सीट शेयरिंग का दिया गया है, उससे अंदाजा लगाना आसान है कि तकरीबन सब कुछ पहले से ही तय हो चुका है। रही सही चर्चा है सोमवार को हुई बैठक में राज्य इकाइयों के माध्यम से पूरी करने की शुरुआत कर दी गई। इसके अलावा जिस तरीके से जनवरी तक गठबंधन के नेताओं ने सभी तैयारी के साथ चुनावी मैदान में आने की योजना बनाई है, वह भी तकरीबन पहले से तय फॉर्मूले के आधार पर है। कांग्रेस पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि गठबंधन में किसी भी तरीके की कोई समस्या न पहले थी न अब है। चुनाव के चलते सभी दल अपनी अपनी तैयारी में लगे थे। जो राजनीतिक दल इन पांच राज्यों में चुनावों की प्रक्रिया में नहीं थे, वह गठबंधन के तहत लोकसभा के चुनाव में आने की पूरी रणनीति बनाने में लगे हुए थे। इस रणनीति के आधार पर आगे की पूरी व्यवस्थाएं और तैयारियां की गई हैं।