मुंबई में 26/11 के आतंकी हमले के समय ताज होटल के महाप्रबंधक रहे करमबीर कांग उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए भावुक हो गए। आतंकवाद के पीड़ितों की पहली संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल कांग्रेस में बोलते हुए करमबीर कांग ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने और हमले के दौरान अपनी जान गंवाने वाले पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करने का आह्वान किया। उन्होंने दर्दनाक यादों को साझा करते हुए कहा कि सभी पीड़ितों की तरह मैंने भी सबकुछ खो दिया। मैंने अपने दो युवा बेटों और पत्नी सहित अपने परिवार को खो दिया था। मैं जब उन काले दिनों को याद करता हूं तो रूह कांप जाती है। पूरी दुनिया ने आतंक के उस भयानक रूप को देखा जब 10 आतंकवादियों ने मेरे देश, शहर और मेरे होटल पर हमला किया इसमें 34 से अधिक लोगों की जान चली गई।
इस घटना के दौरान हमने कई बहादुर सहयोगियों को खो दिया: करमबीर कांग
कांग ने कहा कि उनके सामने ही उनकी पत्नी और दो बेटे जिंदा जल गए लेकिन मैंने उस वक्त भी हिम्मत नहीं हारी और दूसरों की मदद की। मेरे कई स्टाफ ने बहादुरी दिखाई और कई लोगों की जान बचाई। इस घटना के दौरान हमने कई बहादुर सहयोगियों को खो दिया। उन्होंने कहा कि इन आतंकियो का ब्रेन वॉश कर हमला करने के लिए भेजा जाता है। इनमें इंसान की जान की कीमत समझने की बुद्धि खत्म हो गई होती है। लेकिन जिन्होंने इस हमले का आयोजन किया और वित्तपोषित किया उसपर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बता दें कि कांग इस समय अमेरिका में ताज होटल के एरिया डायरेक्टर हैं।
मिलकर काम करने का समय: कांग
उन्होंने कहा कि आज मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय से राष्ट्रीय और सीमाओं के पार न्याय पाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान करता हूं। कांग ने कहा कि सदस्य देशों को हमारे साथ शामिल होना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आतंकवादियों के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह न हो ताकि इन जघन्य अपराधों को जड़ लेने के लिए जगह न दी जाए।
फोर्ब्स पर्सन ऑफ द ईयर चुने जा चुके हैं कांग
कांग के साहस के लिए उन्हें फोर्ब्स पर्सन ऑफ द ईयर चुना गया था। कांग इस समय अमेरिका में ताज होटल के एरिया डायरेक्टर हैं। वहीं ताज होटल के मालिक रतन टाटा ने हमले के बाद कहा था कि 'मैं कांग के पास गया और उसे बताया कि मुझे कितना दुख है तो उसने कहा, सर हम ताज को पहले की तरह बनाने जा रहे हैं। ये जवाब सुन टाटा हैरान रह गए थे। वहीं फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति निरोलस सरकोजी ने कांग को हमले के दौरान साहस दिखाने पर 'ऑफिसर ऑफ नेशनल ऑर्डर ऑफ मेरिट' का पदक देकर सम्मानित किया। हमले के वक्त होटल में मौजूद सैकड़ों अतिथियों में फ्रांस के भी नागरिक थे।