महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में गर्भवती दिव्यांग महिला की हत्या के मामले में महिला के पति समेत तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वर्ष 2021 में धारदार हथियार से वार कर महिला की हत्या की गई थी। जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश एटी वानखेड़े ने मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद असलम शेख और उसके दो साथियों आसिफ शेरखान पठान और प्रफुल्ल पांडुरंग शिवांकर पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। तीनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या के लिए सजा) के तहत दोषी ठहराया गया है।
प्रेम प्रसंग के बाद शादी और फिर हत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मोहम्मद असलम शेख एक मजदूर है और उसका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसका शीतल शामराव राउत के साथ प्रेम प्रसंग था और दोनों की शादी कर ली। इसके बाद जब शीतल गर्भवती हुई तो शेख उससे दूरी बनाने लगा और दूसरी महिला के साथ संबंध बनाने लगा। इस वजह से शेख और शीतल के बीच अक्सर लड़ाइयां होने लगीं। वर्ष 2021 में शीतल से छुटकारा पाने के लिए शेख ने पठान और शिवांकर के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। इसके बाद शेख, 32 वर्ष की शीतल को गोंदिया जिले के एक जंगल वाले इलाके में ले गया। वहां पहले से मौजूद पठान और शिवांकर उनका इंतजार कर रहे थे। तीनों ने शीतल पर धारदार हथियारों से वार कर मार डाला और शव को वहीं दफना दिया।
पुलिस ने अपराधियों को तीन सप्ताह के भीतर किया गिरफ्तार
अभियोजन पक्ष के वकील के अनुसार इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों अपराधियों को अपराध के तीन सप्ताह के भीतर गिरफ्तार कर लिया। अभियोजन पक्ष के वकील ने बताया कि इस मामले में 20 गवाहों से पूछताछ की गई और मामले की एक वर्ष तक सुनवाई चलती रही। उन्होंने आगे बताया कि तीनों अपराधियों की पहचान उनकी फोन कॉल के आधार पर की गई।