रक्षा, खाद्य प्रसंस्करण, ई कॉमर्स सहित 9 क्षेत्रों में विदेशी पूंजी निवेश की सीमा 100 फीसदी करने के हालिया फैसले पर संघ और सरकार के बीच खींचतान बढ़ती जा रही है। इस क्रम में संघ ने अपने आनुषांगिक श्रम संगठनों और स्वदेशी जागरण मंच के आंदोलन के फैसले पर हस्तक्षेप करने से मना कर दिया है।
सोमवार को मान मनव्वल के लिए संघ मुख्यालय नागपुर पहुंचे भाजपा के दो महासचिवों भूपेंद्र यादव और मुरलीधर राव को नाकामी हाथ लगी है।
इस बीच भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस), भारतीय किसान संघ (बीकेएस) और स्वदेशी जागरण मंच में सरकार के आर्थिक सुधारों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन का तानाबाना बुनना शुरू कर दिया है। बीएमएस ने तो दो टूक शब्दों में कहा है कि इस फैसले के विरोध में सरकार को चेतावनी देने के लिए आठ जुलाई को एक दिवसीय आंदोलन होगा।
इसके बाद राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। स्वदेशी जागरण मंच और बीकेएस ने भी स्वीकार किया है कि केंद्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन की जमीन तैयार की जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि तीव्र आर्थिक सुधार मामले में संघ की नाराजगी को दूर करने और संघ के घटकों को आंदोलन से रोकने के लिए राव और यादव ने संघ के वरिष्ठ नेताओं से करीब तीन घंटे तक विचार-विमर्श किया।
हालांकि इसका कोई हल नहीं निकला। इस दौरान संघ ने न सिर्फ अपने आनुषांगिक संगठनों के आंदोलन के फैसले में हस्तक्षेप से मना कर दिया। बल्कि यह भी सवाल उठाया कि आर्थिक सुधारों से जुड़े मामलों में इनकी राय लेकर सहमति का रास्ता पहले से ही तैयार क्यों नहीं किया जाता।
गौरतलब है कि बीते महीने कानपुर में हुई संघ की बैठक में भी घटकों ने आर्थिक सुधार पर सरकार के ताबड़तोड़ फैसले और निर्णय से पूर्व सलाह न करने पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई थी।
सूत्रों का कहना है कि संघ से जुड़े श्रमिक एवं किसान संगठन स्वदेशी जागरण मंच की अगुवाई में राष्ट्रव्यापी आंदोलन की जमीन तैयार करने में जुट गए हैं। बीएमएस के महासचिव वृजेश उपाध्याय ने कहा कि हम ऐसे आर्थिक सुधारों का समर्थन नहीं कर सकते।
8 जुलाई को देश भर में इन फैसलों के खिलाफ प्रदर्शन होगा। सांसदों को ज्ञापन देकर इसके विरोध की अपील की जाएगी। इसके बाद 12 से 14 अगस्त तक होने वाली कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रव्यापी आंदोलन की जमीन तैयार की जाएगी।
मंच के प्रचार प्रमुख दीपक शर्मा ने कहा कि हमने पहले ही प्रस्ताव पारित कर अपना विरोध जताया है। जल्द ही मंच की केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में आंदोलन की भावी रणनीति पर विचार विमर्श किया जाएगा।
संघ नेताओं से होने वाली बैठक सामान्य बैठक थी। बातचीत के मुद्दों में एफडीआई भी शामिल था। फैसले पर सबका अपना अपना पक्ष है। हालांकि संघ के नाराज होने जैसी कोई बात नहीं है। - मुरलीधर राव, भाजपा, महासचिव