केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को दो दिवसीय दौरे के लिए गुजरात पहुंचे हैं। यहां उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और भूमि पूजन किया। गृहमंत्री शाह ने यहां स्कूली बच्चों को टॉफियां और खिलौने बांटे। वहीं उन्होंने कोस्टल पुलिस के स्थाई परिसर का भूमिपूजन भी किया। यहां उन्होंने बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि बॉर्डर पर बीएसएफ तैनात है, इसलिए मैं दिल्ली में चैन से सो पाता हूं।
भाजपा शासन में बढ़ी चौकसी
शनिवार को गृह मंत्री शाह ने गुजरात के देवभूमि द्वारका में नेशनल एकेडमी ऑफ कोस्टल पुलिसिंग के स्थाई परिसर का भूमिपूजन किया। परिसर की लागत 470 करोड़ है। इसके बाद उन्होंने बीएसएफ जवानों को संबोधित किया। शाह ने कहा कि भारत के बॉर्डर पर बीएसएफ के जवान तैनात हैं, इस वजह से मैं दिल्ली में चैन से सो पाता हूं। यहां उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना और एनसीबी ने खुफिया विभाग की मदद से केरल के तट से एक साथ 12 हजार करोड़ के ड्रग्स का खेप पकड़ा है। वहीं, यूपीए शासनकाल के 10 सालों में सिर्फ 680 करोड़ का ड्रग्स पकड़ा था। इससे पता चलता है कि हमारी सरकार में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।
पीएम मोदी ने 2018 में मंजूरी दी थी
अमित शाह ने आगे कहा कि पहले तटरक्षक, सीमा सुरक्षा बल और कोस्टल पुलिस के जवानों के ट्रेनिंग के लिए कोई स्पेशल प्रोग्राम था। लेकिन 2008 में हुए मुंबई हमले के बाद इसकी कमी महसूस की गई कि देश की तटीय इलाकों की सुरक्षा के लिए एक स्पेशल ट्रेनिंग प्रोग्राम होना चाहिए। इसलिए पीएम मोदी ने 2018 में ओखा में एनएसीपी के लिए मंजूरी दी थी। शाह ने कहा कि पीएम ने देश की सुरक्षा के लिए सुदर्शन चक्र बनाया है। उनका मानना है कि देश की सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ना है। शाह ने बताया कि एनएसीपी भारत की पहली अकादमी है, जो कोस्टल सुरक्षा के लिए पुलिस के जवानों को ट्रेनिंग देती है।