शाह ने कहा कि भारत एससीओ से 2005 से जुड़ा है। साल 2017 में हुए 17वें शिखर सम्मेलन के दौरान भारत एससीओ का पूर्ण सदस्य बन गया था। शाह ने कहा कि 2017 में पूर्ण सदस्य देश बनने के बाद हम पहली बार एससीओ की अध्यक्षता कर रहे हैं, यह भारत के लिए गर्व का विषय है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के महत्व को साझा करते हुए कहा कि भारत बहुआयामी राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक विषयों को बढ़ावा देने के लिए विशेष है। नई दिल्ली में एससीओ सदस्य देशों के विभागों के प्रमुखों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए गृहमंत्री शाह ने कहा कि आपातकालीन स्थितियों की रोकथाम और उन्मूलन के लिए जिम्मेदार हैं।
SECURE का मतलब समझाया
शाह- कोई हादसा छोटा नहीं
शाह ने कहा कि भारत आपदा जोखिम में कमी को विशेष महत्व देता है। भारत अपनी विशेषज्ञता और अनुभव एससीओ सदस्य देशों के बीच अधिक सहयोग और विश्वास के लिए साझा करने को तैयार है। भारत का मानना है कि कोई भी हादसा बड़ा या छोटा नहीं होता। देश ने सूखे, बाढ़, गर्मी, शीत लहर, चक्रवात की प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली में सुधार देखे हैं। भारत ने अब पहले से अधिक सटीक और समय पर पूर्व चेतावनी देने वाली तकनीक को विकसित कर लिया है। हमारा फोरकॉस्ट न केवल आपदा के बारे में चेतावनी देता है, बल्कि इसके संभावित प्रभाव की भी भविष्यवाणी करता है। प्राकृतिक आपदा के दौरान यह महत्वपूर्ण है कि वहां कितने जल्दी राहत पहुंचती है, जो टीम की ट्रेनिंग और उनकी कुशलता को दर्शाती है।
2017 में बने पूर्ण सदस्य
हमारी तकनीक को दुनिया सराह रही है
शाह ने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारी फोरकॉस्ट तकनीक वैज्ञानिक रूप से उन्नत होने के साथ-साथ, इसे इस तरह से विकसित किया जाए कि आम लोगों इसे समझ सकें और इसका उपयोग कर सकें। एक समय था जब भारत चक्रवाती तूफान के कारण जान-माल से काफी प्रभावित होता था लेकिन आज हम चक्रवातों से होने वाले पहले ही कम कर लेते हैं। भारत की इसी तकनीक को आज पूरी दुनिया सराह रही है। भारत के नेतृत्व वाले सीडीआरआई में आज दुनिया भर के 39 सदस्य हैं। सीडीआरआई यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि निवेश इस तरह से किए जाएं कि हमारे बुनियादी ढांचे आपदाओं के प्रति लचीले हों। इससे हमारा वर्तमान और भविष्य सुरक्षित रहेगा। इसके अलावा, सीडीआरआई दुनिया के छोटे विकासशील राज्यों पर विशेष जोर दे रहा है।
कई संगठन की मेजबानी कर चुका है भारत
अमित शाह ने कहा कि भारत के कारण जी 20 में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर एक कार्य समूह का गठन किया गया। गुजरात के गांधीनगर में हाल ही में समूह की पहली बैठक आयोजित की गई थी। इसके अलावा शाह ने कहा कि भारत ने सार्क, बिम्सटेक और एससीओ देशों के साथ संयुक्त द्विपक्षीय अभ्यास की मेजबानी की है।