हिट एंड रन को लेकर नए कानून के खिलाफ आक्रोश के बीच जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। ट्रांसपोर्टर्स ने देशव्यापी हड़ताल की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय गृह सचिव ने उनके साथ बैठक की। बैठक और वार्ता का नतीजा भी तत्काल देखने को मिला। अब ट्रांसपोर्टर तत्काल ड्यूटी पर लौटेंगे। इससे पहले अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस की बैठक पर केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा, "हमने आज अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस के प्रतिनिधियों से चर्चा की।
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यूपी में 1,800 करोड़ के कारोबार पर असर
ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से उत्तर प्रदेश में दवाइयों, सब्जियों, डीजल-पेट्रोल सहित उपयोगी वस्तुओं की सप्लाई बाधित हुई। प्रदेश में करीब 18 सौ करोड़ रुपये का कारोबार ठप हुआ है। एक चौथाई पेट्रोल पंप खाली हो गए। दूसरे दिन रोडवेज की 41 फीसदी बसों का संचालन हो पाया। रोडवेज को 15 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका था।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, ऑल इंडिया ट्रक और बस ड्राइवर संगठन समेत अलग-अलग ड्राइवर संगठन के लोगों ने 1 जनवरी से 3 जनवरी तक का 'स्टीयरिंग छोड़ो' के नाम से चक्का जाम शुरू कर दिया था। वजह थी आपराधिक कानूनों में किए गए बदलाव के कारण हिट एंड रन केस में भी सजा बढ़ाना, जिसके चलते देशभर में ट्रक और बस चालकों ने विरोध-प्रदर्शन किया। सजा की अवधि बढ़ाए जाने के खिलाफ बस और ट्रक ड्राइवरों के साथ-साथ ऑटो चालकों ने भी मोर्चा खोल दिया। बताया गया कि हिट एंड रन केस में नए कानून के तहत फरार और घातक दुर्घटना की सूचना नहीं देने पर ड्राइवरों को अब दो साल की नहीं, बल्कि 10 साल तक की जेल हो सकती है।