प्लेयर ऑफ द मैच और सीरीज फोएबे लिचफील्ड के शतक (119) और कप्तान एलिसा हीली (82) के साथ उनकी पहले विकेट के लिए 189 रन की बड़ी शतकीय साझेदारी की मदद से ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम ने मंगलवार को यहां भारत को तीसरे मैच में 190 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम की। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने लगातार तीसरी बार भारत का उसके घर में सफाया (क्लीन स्वीप) किया है। इससे पहले 2018 और 2012 में भी तीन मैचों की सीरीज 3-0 से जीती थी।
ऑस्ट्रेलिया ने 7 विकेट पर 338 रन का रिकॉर्ड स्कोर बनाया। यह भारत के खिलाफ उसका वनडे सबसे बड़ा स्कोर है। लिचफील्ड ने 125 गेंद की पारी में 16 चौकों और एक छक्के लगाया। वहीं, हीली ने 85 गेंद में चार चौके और तीन छक्के जड़े। दोनों की साझेदारी भारत में किसी भी विरोधी टीम की किसी भी विकेट के लिए सर्वोच्च साझेदारी है। श्रेयंका पाटिल (3/57) ने सर्वाधिक विकेट चटकाए।
जवाब में भारतीय महिला टीम 32.4 ओवर में 148 रन पर ही सिमट गई। स्मृति मंधाना (29) ने सर्वाधिक रन बनाए। जॉर्जिया वेयरहैम (3/23) ने सबसे ज्यादा विकेट लिए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत ही खराब रही। सलामी जोड़ी यास्तिका भाटिया और मंधाना ने 32 रन ही जोड़े थे कि यास्तिका (06) को स्कट ने बोल्ड कर दिया। एक समय आधी टीम 98 रन पर ही पवेलियन लौट गई थी। दीप्ति शर्मा (नाबाद 25) एक छोर पर टिकी रहीं, लेनिक दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे। छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाईं।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी। पहले दो मैच में 78 और 63 रन बनाने वाली लिचफील्ड ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। वह जब 62 रन पर खेल रही थी तब अमनजोत की गेंद पर दीप्ति शर्मा ने उन्हें जीवनदान दिया था। दीप्ति ने आखिर में 40वें ओवर में लिचफील्ड को हरमनप्रीत कौर के हाथों कैच कराया। यह वनडे में उनका 100वां विकेट था। दीप्ति यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की केवल चौथी गेंदबाज हैं।
पूजा वस्त्राकर (68 रन देकर एक विकेट) ने 29वें ओवर में हीली को बोल्ड करके भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद पारी के 36वें ओवर में पाटिल ने बेथ मूनी (03) और ताहलिया मैकग्रा (00) को लगातार गेंदों पर पगबाधा आउट किया। ऐश्ले गार्डनर के 27 गेंदों में चार चौकों की मदद से 30 रन, एनाबेल सदरलैंड के 21 गेंदों में 23 रन और अलाना किंग की 14 गेंद पर तीन छक्कों और एक चौके की मदद से खेली गई नाबाद 26 रन की आक्रामक पारी से ऑस्ट्रेलिया अपने रिकार्ड को बेहतर करने में सफल रहा।