फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

डायनामाइट बनाने वाले 'पागल वैज्ञानिक' के नाम पर शुरू हुआ था नोबेल पुरस्कार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Wed, 09 Oct 2019 10:41 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अल्फ्रेड नोबेल (फाइल फोटो)

नोबेल पुरस्कार को दुनिया का सर्वोच्च सम्मान कहा जाता है। कभी दुनिया ने अल्फ्रेड नोबेल को जुनूनी वैज्ञानिक करार दे दिया था। क्योंकि अल्फ्रेड ने डाइनामाइट से दुनिया में शांति लाने की बात कही थी। डाइनामाइट का आविष्कार करने पर अल्फ्रेड ने कहा था कि "मेरा डायनामाइट दुनिया में शांति के लिए होने वाले हजारों सम्मेलनों से भी जल्दी शांति ला देगा"। आज उन्हीं के नाम से दुनिया का सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है।



नोबेल पुरस्कार हर साल उन लोगों या संस्थाओं को दिया जाता है जो अद्वितीय कार्य करते हैं। यह पुरस्कार शांति, साहित्य, भौतिकी, केमिस्ट्री, मेडिसिन और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिया जाता है जब नोबेल की शुरुआत हुई थी तो पहली बार 1901 में ये पुरस्कार भौतिकी, केमिस्ट्री, मेडिसिन, साहित्य और शांति के क्षेत्र में दिया गया था। उसके बाद 1969 में इसमें अर्थशास्त्र को भी जोड़ दिया गया था। 

अल्फ्रेड की वसीयत से हुई नोबेल की शुरुआत

नोबेल पुरस्कारों की स्थापना रसायनशात्री अल्फ्रेड नोबेल के वसीयतनामे के अनुसार 1895 में हुई थी। अपनी वसीयत में अल्फ्रेड ने अपने रिश्तेदारों को पैसा दिए जाने के बाद बचे हुए पैसों से एक निधि की स्थापना की बात कही।



उन्होंने वसीयत में लिखा कि इन पैसों से मिलने वाले ब्याज से उन लोगों को पुरस्कार दिए जाएं जिन्होंने मानव जाति के लिए अपनी सेवाएं दी हों। नोबेल फाउंडेशन की स्थापना 1900 में हुई थी। नोबेल पुरस्कारों का प्रशासकीय कार्य नोबेल फाउंडेशन देखता है। 

कौन थे अल्फ्रेड नोबेल?

अल्फ्रेड नोबेल का जन्म स्वीडन में 21 अक्तूबर 1833 को हुआ था। अल्फ्रेड रसायनशात्री और इंजीनियर थे। उन्होंने डाइनामाइट नामक विस्फोटक का आविष्कार किया था। 10 दिसंबर 1896 को इटली के सौन रेमो में अल्फ्रेड नोबेल का देहांत हो गया। 



अल्फ्रेड नोबेल की मृत्यू के पांच साल बाद 1991 में पहली बार ये पुरस्कार दिया गया। जिंदगी के आखिरी दिनों में अल्फ्रेड नोबेल को युद्ध में भारी तबाही मचाने वाले अपने आविष्कारों को लेकर भारी पश्चाताप था। 

नोबेल पुरस्कार में पदक के साथ दिए जाते हैं साढ़े चार करोड़ रुपये

नोबेल पुरस्कार के हर विजेता को करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की राशि दी जाती है। इसके साथ 23 कैरेट सोने से बना 200 ग्राम का पदक और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाता है। पदक के एक ओर नोबेल पुरस्कार के जनक अल्फ्रेड नोबेल की छवि, उनके जन्म तथा मृत्यु की तारीख लिखी होती है। 



पदक की दूसरी तरफ यूनानी देवी आइसिस का चित्र, रॉयल एकेदमी ऑफ साइंस स्टॉकहोम तथा पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति की जानकारी होती है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
विज्ञापन
Next