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Assam: CM सरमा ने मोहम्मद अकबर के खिलाफ भाषण का किया बचाव, कहा- कांग्रेस ने EC से छिपाई महत्वपूर्ण जानकारी

Fri, 27 Oct 2023 03:52 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

Assam: चुनाव आयोग की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने अपने कथित सांप्रदायिक भाषण का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के मंत्री मोहम्मद अकबर की एक वैध आलोचना थी।  
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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चुनाव आयोग की ओर से कथित सांप्रदायिक भाषण को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को कारण बताओ जारी किया गया है। बावजूद इसके सरमा ने अपने बयान का बचाव किया है और कहा है कि यह छत्तीसगढ़ के मंत्री मोहम्मद अकबर की वैध आलोचना थी। 

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चुनाव आयोग ने आचार संहिता के प्रथम दृष्टया उल्लंघन के लिए गुरुवार को सरमा को कारण बताओ नोटिस भेजा और उनसे तीन अक्तूबर की शाम तक जवाब देने को कहा। वहीं, मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, कांग्रेस ने चुनाव आयोग से यह जानकारी छुपा ली थी कि कवर्धा सीट से मोहम्मद अकबर उनके उम्मीदवार हैं। इसलिए किसी उम्मीदवार की जायज आलोचना सांप्रदायिक राजनीति नहीं है। 

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस को अपने प्रतिनिधित्व में अहम तथ्य का खुलासा न करने का कानूनी परिणाम भुगतना होगा। उन्होंने कहा, मुझे चुनाव आयोग की बुद्धिमत्ता पर पूरा भरोसा है। 

सरमा, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश की एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। रमेश ने भाजपा नेता को सीरियल ऑफेंडर बताया था और उम्मीद जताई थी कि चुनाव आयोग इस मामले को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाएगा। सरमा ने 18 अक्तूबर को छत्तीसगढ़ के कवर्धा में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अकबर निशाना साधते हुए यह टिप्पणी की थी। 

18 अक्तूबर को कवर्धा में अपने संबोधन में सरमा न अकबर पर विवादास्पद तंज कसते हुए कहा था कि अगर अकबर को नहीं भेजा गया तो माता कौशल्या की भूमि अपवित्र हो जाएगी। कांग्रेस ने बुधवार को अकबर के खिलाफ टिप्पणी के लिए सरमा के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई। पार्टी ने आरोप लगाया था कि सरमा की टिप्पणी से समाज के वर्गों को एक-दूसरे के खिलाफ भड़काने का स्पष्ट इरादा दिखता है।

चुनाव आयोग ने सरमा को नोटिस जारी करते हुए उन्हें आचार संहिता के एक प्रावधान की याद दिलाई, जिसमें कहा गया है कि कोई भी पार्टी या उम्मीदवार किसी भी उस गतिविधि में शामिल नहीं होगा जो मौजूदा मतभेदों को बढ़ा सकता है या आपसी नफरत पैदा कर सकता है या विभिन्न जातियों या समुदायों के बीच धार्मिक या भाषाई तनाव पैदा कर सकता है। 
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छत्तीसगढ़ की नब्बे सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में चुनाव होंगे। पहले चरण के लिए मतदान सात नवंबर और दूसरे चरण के लिए 17 नवंबर को होगा। 
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