प्रवर्तन निदेशालय की अर्जी पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आदेश के पैराग्राफ 40 में लगाए गए आरोप रोहित टंडन से संबंधित हैं, न कि कांग्रेस नेता व पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से। हाईकोर्ट ने कहा कि 15 नवंबर के आदेश के पैराग्राफ 40 में कहीं भी यह जिक्र नहीं है कि इसमें लगाए गए आरोप चिदंबरम के मामले से संबंधित हैं। ईडी ने अर्जी दायर चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज किए जाने संबंधी फैसले के पैरा 35,36,39 व 40 त्रुटि होने की बात कहते हुए स्थिति साफ करने का आग्रह किया था।
न्यायमूर्ति सुरेश कैत के समक्ष ईडी के आवेदन का विरोध करते हुए चिदंबरम के वकील ने दयान कृष्णन ने कहा कि जमानत संबंधी आदेश को पारित करने वाली अदालत के पास लिपिकीय या अंक गणितीय त्रुटियों या गलतियों को छोड़कर किसी तरह के बदलाव की शक्तियां नहीं हैं। चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज करने संबंधी फैसले के खिलाफ याचिका सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
हाईकोर्ट ने चिदंबरम के वकीलों की उस दलील को खारिज कर दिया कि अभियोजन पक्ष ने कॉल डाटा रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज पर भरोसा किया है। केंद्र सरकार के स्थायी अधिवक्ता अमित महाजन ने कहा कि ईडी ने अपने आवेदन में सीसीटीवी फुटेज के बारे में बात नहीं की है। हाईकोर्ट ने ईडी की दलीलों से सहमति जताते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज को इस पैराग्राफ के हिस्से के रूप में नहीं पढ़ा जाना है।