वायुसेना ने कहा है कि हेलीकॉप्टर दुर्घटना के शिकार हुए देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 सैन्य अधिकारियों के सम्मान के लिए जरूरी है कि लोग इस घटना केकारणों के संबंध में कयास नहीं लगाएं।
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8 दिसंबर को हुई इस दुर्घटना के बाद से सोशल मीडिया पर इस हादसे के पीछे साजिश और अन्य तरह के आरोप- प्रत्यारोप लगातार जारी है। वायुसेना के शुक्रवार को ट्वीट पर कहा कि इस दुखद हेलीकॉप्टर दुर्घटना की जांच के लिए ट्राई सर्विस कोर्ट ऑफ इनक्वायरी गठित की है। यह जांच तेजी से चल रही है और कोशिश है कि दुर्घटना केपीछे की वजह का पता जल्द से जल्द लग जाए। तब तक के लिए उचित होगा कि लोग किसी तरह की कयासबाजी से बचें। यह हादसे के शिकार हुए लोगों के लिए सम्मान होगा।
सूत्रों के मुताबिक जांच दल ने हेलीकॉप्टर के ब्लैक बॉक्स की जांच शुरू हो गई है। इसके लिए बंगलुरु और दिल्ली के तकनीकी अधिकारियों की मदद ली जा रही है। सूत्रों ने बताया कि ब्लैक बॉक्स काफी सुरक्षित हालत में मिला है और फ्लाईट के सारे डाटा और पायलट व एटीसी की बातचीत के रिकार्ड महफूज है। लिहाजा इसके कारणों का पता जल्द ही लगा लिया जाएगा।