याचिका को डॉक्टरों की तरफ से दायर दो अन्य रिट याचिकाओं के साथ लिस्ट किया गया है, जिसमें एआईक्यू में ईडब्ल्यूएस और ओबीसी आरक्षण लाने के केंद्र के फैसले को चुनौती दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट सोमवार को मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार कि ओर से दायर उस विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें हाई कोर्ट ने अखिल भारतीय कोटा में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 फीसदी आरक्षण लागू करने के लिए कहा था।
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साथ ही यह भी कहा था कि मेडिकल कॉलेज की सीटों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को प्रदान किए गए 10 फीसदी अतिरिक्त आरक्षण की अनुमति केवल सुप्रीम कोर्ट के अधीन ही दी जा सकती है।
केंद्र के खिलाफ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) की अवमानना याचिका का निपटारा करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने 25 अगस्त को इस आशय का आदेश जारी किया था। इसके बाद केंद्र ने 3 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।
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सुप्रीम कोर्ट ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर केंद्र को दिया था नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल दाखिले में अखिल भारतीय कोटा श्रेणी में 27 फीसदी ओबीसी और 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस को आरक्षण देने पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। कोर्ट सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था।
याचिका में उक्त आरक्षण नीति के कार्यान्वयन के लिए चिकित्सा परामर्श समिति द्वारा जारी 29 जुलाई, 2021 की अधिसूचना के प्रभाव और संचालन पर रोक लगाने और वर्तमान आरक्षण नीति से संबंधित तौर-तरीकों की जांच करने के लिए विशेषज्ञों की समिति का गठन करने का निर्देश देने की भी मांग की है।