यह पूछने पर कि क्या महाराष्ट्र में मामलों में वृद्धि के लिए क्या कोरोना वायरस का बदला हुआ स्वरूप जिम्मेदार है? भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि यह कारण नहीं है। जांच और संक्रमितों के संपर्क का पता लगाने में कमी, कोविड-19 को लेकर उचित तौर तरीका नहीं अपनाने और बड़ा जमावड़ा कारण है।
यहां सबसे ज्यादा सक्रिय मरीज
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि महाराष्ट्र के नागपुर, पुणे, ठाणे, मुंबई, अमरावती, जलगांव, नासिक और औरंगाबाद, कर्नाटक में बंगलुरू शहरी, केरल के एर्नाकुलम, जिलों में कोविड-19 के सबसे ज्यादा उपचाराधीन मरीज हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में 1 लाख सक्रिय मामले बने हुए हैं, वहीं मध्यप्रदेश, हरियाणा और गुजरात में भी वायरस का प्रसार तेजी से हो रहा है। मंत्रालय के अनुसार देश में रिकवरी रेट 97 फीसदी पर बना हुआ है और मृत्यु दर 1.4 फीसदी है। सक्रिय मामलों की बात करें तो इसकी दर 1.6 फीसदी है।
2.43 करोड़ लोगों को लगा कोरोना का टीका
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि भारत ने अब तक 2.43 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज दी है। वैक्सीन की 71 फीसदी खुराक सरकारी अस्पतालों में दी गई है और 28.77 फीसदी खुराक प्राइवेट अस्पतालों में।
वैक्सीन की कोई कमी नहीं
स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगे बताया कि देश में कोरोना वायरस वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। राज्यों को कितनी वैक्सीन देनी है? इसका फैसला स्वास्थ्य मंत्रालय दैनिक आधार पर करता है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि हमने वैक्सीन की कीमत पर फिर से बातचीत की है। उम्मीद है कि लोगों को जल्द ही इसमें भी राहत मिलेगी।